एयर इंडिया की हड़ताल जारी, प्रबंधन हड़ताली गुट से वार्ता करेगा (लीड-1)
पायलटों की शिकायतों विशेषकर उत्पादकता से संबंधित प्रोत्साहन (पीएलआई) पर ध्यान देने के एयर इंडिया प्रबंधन के आश्वासन के बावजूद पायलटों का कहना है कि उनकी तीन महीने की बकाया राशि के भुगतान पर प्रबंधन के सहमत होने तक हड़ताल जारी रहेगी।
विमानन कंपनी ने पीएलआई के मामले पर विचार करने के लिए रविवार को एक समिति गठित करने का फैसला किया था।
वरिष्ठ कार्यकारी पायलटों का प्रतिनिधित्व कर रहे कैप्टन वी.के.भल्ला ने आईएएनएस को बताया, "प्रबंधन आज हमसे वार्ता करेगा। हम तब तक काम पर नहीं लौटेंगे जब तक तीन महीने के पीएलआई और अन्य बकायों के भुगतान पर सहमति नहीं हो जाती। पीएलआई हमारे वेतन का एक बड़ा हिस्सा है।"
भल्ला ने एयर इंडिया के प्रबंध निदेशक अरविंद जाधव पर पायलटों के बीच भ्रम पैदा करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "हम अभी भी हड़ताल पर हैं।"
जाधव के मुंबई से दिल्ली आकर भल्ला के नेतृत्व वाले हड़ताली पायलटों के समूह से भेंट करने की उम्मीद है। एयर इंडिया का प्रधान कार्यालय मुंबई में है।
जहां अधिकांश पायलटों ने अपना विरोध छोड़ दिया है वहीं दिल्ली में वरिष्ठ पायलट अभी भी हड़ताल पर हैं। सोमवार को भी दिल्ली से कम से कम 11 उड़ानें रद्द हुईं।
एयर इंडिया के एक अधिकारी के अनुसार शुक्रवार और रविवार मध्य रात्रि के बीच करीब 100 पायलटों के काम पर आने की सूचना है। चेन्नई, मुंबई और कोलकाता के पायलट सोमवार को काम पर लौटे।
उधर नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने एयर इंडिया के पायलटों की हड़ताल से पैदा स्थिति पर विचार करने के लिए मंगलवार को सभी विमानन कंपनियों की बैठक बुलाई है।
खर्च में कटौती के उपायों के तहत प्रबंधन द्वारा पिछले सप्ताह पीएलआई में 25 से 50 प्रतिशत की कटौती के फैसले के बाद से एयर इंडिया में समस्या पैदा हुई। कंपनी पर 16,500 करोड़ रुपये का कर्ज है और 31 मार्च को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष 2008-09 में उसका घाटा 7,200 करोड़ रुपये था।
प्रमुख विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी ने रविवार को पायलटों के भत्तों में कटौती की आलोचना करते हुए सरकार से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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