भारत ने पाक के साथ बातचीत में आतंक पर दिया जोर (लीड-5)
विदेश मंत्री एस.एम.कृष्णा व पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी के बीच न्यूयार्क के पैलेस होटल में मुलाकात के कुछ समय बाद इस्लामाबाद के एक शीर्ष राजनयिक ने कहा कि पाकिस्तान मुंबई हमले के सूत्रधार हाफिज सईद के खिलाफ कार्रवाई करना चाहता है लेकिन सईद के खिलाफ बिना ठोस सबूत के वह अदालत में नहीं जा सकता।
बहुप्रतीक्षित बातचीत के लिए जाने से पहले दोनों नेताओं ने आपस में हाथ मिलाए और साथ में फोटो खिंचाए।
बातचीत शुरू होने के पूर्व कुरैशी ने कहा कि पाकिस्तान वरिष्ठ राजनयिक व पूर्व विदेश सचिव रियाज मोहम्मद खान को भारतीय मामलों का विशेष दूत नियुक्त करने पर विचार कर रहा है।
इसके पहले पाकिस्तान के विदेश सचिव सलमान बशीर ने एक टीवी चैनल से कहा था, "हमें सईद के खिलाफ कार्रवाई करने में जरा भी हिचक नहीं होगी, लेकिन उसके लिए हमारे पास ऐसा मामला होना चाहिए जो कानूनी रूप से मजबूत हो। क्योंकि यदि हम अधकचरे मामले के साथ अदालत में जाते हैं और अदालत सईद को बरी कर देता है तो आप लोग ही इस पूरी कार्रवाई को साजिश और नाटक करार देंगे।"
दक्षेस के विदेश मंत्रियों के लिए शनिवार को आयोजित रात्रि भोज के दौरान कुरैशी के साथ अनौपचारिक बातचीत कर चुके कृष्णा ने साफ किया है कि मुंबई हमला उनकी बातचीत के केंद्र में होगा।
रात्रि भोज के दौरान कृष्णा व कुरैशी एक-दूसरे से गर्मजोशी के साथ मिलते हुए और बातचीत करते हुए दिखाई दिए थे।
श्रीलंका के विदेश मंत्री रोहिता बोगोलागामा द्वारा दक्षेस के मंत्रियों के लिए आयोजित रात्रि भोज के दौरान भारतीय विदेश सचिव निरूपमा राव भी उपस्थित थीं।
बताया गया है कि भारतीय विदेश सचिव राव और पाकिस्तानी विदेश सचिव सलमान बशीर के बीच शनिवार को मुंबई हमले के आरोपियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई करने और मामले की जांच पूरी करने के मुद्दे पर चर्चा हुई थी।
एक अधिकारी ने कहा, "जांच को एक संतोषजनक अंत प्रदान करने की जरूरत है।"
इससे पहले विदेश मंत्रियों के बीच होने वाली महत्वपूर्ण मुलाकात की जमीन तैयार करने के लिए विदेश सचिव निरुपमा राव और पाकिस्तानी विदेश सचिव सलमान बशीर शनिवार को न्यूयार्क के रुजवेल्ट होटल में मिले थे।
बैठक में मुंबई पर हुए आतंकवादी हमले की जांच में हो रही प्रगति और प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के आतंकवादी हाफिज सईद के खिलाफ कार्रवाई पर चर्चा की गई थी।
राव ने बशीर के साथ दो घंटे चली वार्ता के बाद कहा था कि दोनों पक्षों ने विचारों का उपयोगी आदान-प्रदान किया।
बशीर ने भी वार्ता को उपयोगी बताते हुए कहा था कि नई दिल्ली को केवल एक मामले में कार्रवाई को लेकर संबंधों में सुधार को पीछे नहीं धकेलना चाहिए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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