पंजाब की जेलें राष्ट्रविरोधी गतिविधियों की केंद्र : गुप्त रिपोर्ट
जयदीप सरीन व परमिंदर सिंह बरियाना
चंडीगढ़, 27 सितम्बर (आईएएनएस)। पंजाब की जेलें राष्ट्रविरोधी गतिविधियों की केंद्र बन गई हैं। यहां कैद खालिस्तान समर्थक कैदी मोबाइल फोन के जरिए बराबर पाकिस्तान के साथ संपर्क में हैं। यह जानकारी पंजाब पुलिस की एक गोपनीय रिपोर्ट में सामने आई है।
रिपोर्ट से संबंधित अधिकारियों ने कहा है कि इस लिहाज से यह एक खतरनाक घटना है कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी पंजाब में 1980 के आतंकवाद को जिंदा करने की कोशिश में है।
इस महीने पूरे पंजाब में खुफिया अधिकारियों को भेजी गई इस रिपोर्ट में संकेत किया गया है कि पाकिस्तान के आतंकी और उनके पाकिस्तानी आका पंजाब में आतंकवाद को फिर से जिंदा करने की कोशिश कर रहे हैं।
आईएएनएस को उपलब्ध इस रिपोर्ट की एक प्रति में कहा गया है, "तमाम सूचनाओं ने संकेत किया है कि जेलें राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के लिए उर्वर जमीन बन रही हैं।"
रिपोर्ट में कहा गया है, "अपराध जांच शाखा (सीआईडी) और केंद्रीय खुफिया (सीआई) इकाइयों को जेल में मोबाइल फोन का उपयोग करने वाले आतंकियों की एक सूची तैयार करनी चाहिए, उनके द्वारा की गई कालों के विवरण जुटाने चाहिए (सीडीआर) और उसमें से नंबरों की छंटनी करनी चाहिए तथा उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।"
एक अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक द्वारा भेजी गई इस रिपोर्ट में हाल में पटियाला में सामाजिक व राजनीतिक कार्यकर्ता रुल्दा सिंह और मनसा कस्बे में लिली कुमार की हत्या तथा उनके हत्यारों के संबंध चर्चित आतंकियों से बताए गए हैं।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि पाकिस्तान की इंटर-सर्विसिस इंटेलिजेंस (आईएसआई) और पाकिस्तानी आतंकी पंजाब में आतंकवाद को जिंदा करने के लिए हथियारों, गोलाबारूद, विस्फोटकों व ड्रग की खेपें भेजने की कोशिश में हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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