जी-20 में भारतीय पक्ष को मिला सम्मान
नई दिल्ली, 27 सितम्बर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पिट्सबर्ग में संपन्न हुए जी-20 शिखर सम्मेलन से रविवार को कुछ खास उपलब्धियों के साथ लौटे हैं। उपलब्धियां यह हैं कि विकासशील देशों को देखने के संपन्न देशों के नजरिए में बदलाव आ गया है।
यह स्पष्ट है कि जी-20 के नेताओं द्वारा शिखर सम्मेलन के समापन पर शुक्रवार को जो अंतिम बयान जारी किया गया था, उसमें मनमोहन सिंह द्वारा सम्मेलन के पूर्व कही गई तमाम सारी बातें शामिल की गई थीं।
मनमोहन सिंह ने कहा था कि भारत के पास दुनिया की अर्थव्यवस्था के प्रबंधन के लिए दांव पर लगाने तथा योगदान करने के लिए काफी कुछ है।
प्रधानमंत्री ने साथ गए मीडिया कर्मियों को बताया, "जी-8 की जगह जी-20 को महत्व देना वैश्विक प्रशासनिक ढांचे को व्यापक बनाने की यह एक महत्वपूर्ण घटना है।"
सिंह ने कहा था, "भारत, चीन और ब्राजील के विकास के कारण एशिया का जो उदय हुआ है, उसके कारण आर्थिक नीति निर्माण में इन देशों के विचारों को शामिल करना होगा।"
जी-20 के अंतिम बयान में कहा गया था, "हम टिकाऊ सुधार सुनिश्चित होने तक अपनी मजबूत नीति की प्रतिक्रिया को बनाए रखने का आज संकल्प लेते हैं। हम यह सुनिश्चित कराएंगे कि वृद्धि के साथ रोजगार भी सृजित हों। हम किसी भी राहत पैकेज को समय से पहले वापस लेने से बचेंगे।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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