श्रद्धा के साथ मनाया गया महानवमी का पर्व (लीड-1)
पारंपरिक रूप से दुर्गा पूजा के लिए प्रसिद्ध पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में महानवमी का पर्व काफी धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान कोलकाता के विभिन्न हिस्सों में पूजा पंडालों में लोग मां दुर्गा के दर्शन के लिए सपरिवार उमड़ पड़े।
शहर में सजे पूजा पंडालों को काफी भव्य तरीके से सजाया गया था। लोग ढोल और ताशे बजाकर इस उत्सव का भरपूर आनंद ले रहे थे।
एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में इंजीनियर के रूप में कार्यरत जयंत रॉय कहते हैं, "हम पूरे साल आपस में मुश्किल से मिल पाते हैं। हम सभी अपने-अपने कामों में व्यस्त रहते हैं। लेकिन दुर्गा पूजा हमें अपने पड़ोसियों के साथ बातचीत करने व समय बिताने का मौका मुहैया कराता है।"
चार्टर्ड एकाउंटेंट डाली दास के लिए दुर्गा पूजा एक ऐसे अवसर के रूप में होता है, जब वह अपने उन सभी कामों को निपटाती हैं जिसे पूरा करने के लिए पूरे साल उनके पास समय नहीं होता।
महानवमी दुर्गा पूजा का आखिरी दिन होता है। महानवमी की मुख्य पूजा महाअष्टमी और महानवमी के संक्रमण काल के समय शुक्रवार को लगभग मध्य रात्रि शुरू हुई थी।
कोलकाता के दक्षिणी हिस्से रायपुर में एक सामुदायिक पूजा पंडाल 10,000 तबलों से बनाया गया है। यह पंडाल लोगों के आकर्षण का केंद्र रहा।
हिन्दुओं के इस प्रसिद्ध पर्व को देखते हुए विभिन्न शहरों में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन की ओर से पार्याप्त कदम उठाए गए थे। दुर्गा पूजा के दौरान यात्रियों की भारी भीड़ से निपटने के लिए रेलवे द्वारा स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं।
पूजा के दौरान किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए प्रशासन द्वारा काफी चौकसी बरती जा रही थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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