हथियारों और पुलिसकर्मियों की कमी से जूझ रहे नए पुलिस स्टेशन
नई दिल्ली, 27 सितम्बर (आईएएनएस)। मुंबई पर हुए आतंकवादी हमले के बाद राजधानी में 40 नए पुलिस स्टेशन शुरू किए गए थे। लेकिन उन्हें उनकी जरूरत से आधे हथियार और आधी संख्या में ही पुलिसकर्मी दिए गए हैं।
गृह मंत्रालय ने 2008 और 2009 के दौरान शहर में दो पुलिस जिले, 11 उप-डिवीजन और 40 पुलिस स्टेशन शुरू किए।
पिछले साल नवम्बर में मुंबई में हुए आतंकी हमले में आतंकवादियों द्वारा 160 लोगों की हत्या करने के बाद इन पुलिस स्टेशनों को शुरू किया गया था। दिल्ली में अब पुलिस स्टेशनों की संख्या जो सितम्बर 2008 में 116 थी, बढ़कर 155 हो गई है। इस तरह अब राजधानी में देश के किसी भी अन्य शहर से अधिक संख्या में पुलिस स्टेशन हैं।
इसके अतिरिक्त दिल्ली पुलिस के पास 14 विशेष पुलिस स्टेशन हैं। इनमें रेलवे स्टेशन, मेट्रो, इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डा, अपराध शाखा, आर्थिक अपराध विंग, महिलाओं के खिलाफ अपराध और विशेष प्रकोष्ठ के पुलिस स्टेशन शामिल हैं।
सूत्रों के मुताबिक नए पुलिस स्टेशनों में से ज्यादातर अपनी आधी ताकत और कम हथियारों के साथ काम कर रहे हैं।
पुलिसकर्मियों की कमी के चलते नए पुलिस स्टेशनों को केवल 50 पुलिसकर्मी दिए गए हैं। जबकि एक पुलिस स्टेशन के तहत आने वाले क्षेत्र और वहां की जनसंख्या के आधार पर वहां 100 से 125 पुलिसकर्मियों की आवश्यकता है। साथ ही पुलिस स्टेशनों के प्रत्येक पुलिसकर्मी को केवल एक हथियार दिया गया है।
एक पुलिस अधिकारी ने आईएएनएस से कहा, "कर्मचारियों की कमी के चलते प्रत्येक पुलिस स्टेशन को केवल 50 आदमी दिए गए हैं। इनमें से ज्यादातर पुलिसकर्मियों को दिल्ली सशस्त्र पुलिस से भेजा गया है।"
बुधवार को 22 नए पुलिस स्टेशनों का उद्घाटन करते हुए गृह मंत्री पी. चिदंबरम ने कहा था कि पुलिसवालों को हर गली में पहुंचना चाहिए। उन्होंने कहा था, "वरिष्ठ नागरिकों, छात्रों और यहां तक कि पार्को में मिलने वाले स्त्री-पुरुष मित्रों की भी सुरक्षा सुनिश्चित होना चाहिए।"
नए पुलिस स्टेशनों में पुलिसकर्मियों की कमी के संबंध में पूछने पर दिल्ली पुलिस आयुक्त वाई. एस. डडवाल ने आईएएनएस से कहा कि 2010 में दिल्ली में आयोजित होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों से पहले यह कमी पूरी कर दी जाएगी।
डडवाल ने कहा, "6,000 से अधिक कांस्टेबल्स को जल्दी ही पुलिस में भर्ती किया जाएगा। जबकि कांस्टेबल्स के अगले बैच के लिए भर्ती व साक्षात्कार की प्रक्रिया पहले ही शुरू कर दी गई है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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