दशहरा के भव्य समारोह के आयोजन के लिए सजा मैसूर
बेंगलुरू से 130 किलोमीटर दूर स्थित मैसूर में 12 हाथियों की सवारी देखने के लिए लाखों लोगों की भीड़ इकट्ठा होना की संभावना है। इन 12 हाथियों में मुख्य हाथी बलराम होगा, जो देवी चामुण्डेश्वरी की प्रतिमा को ले जाएगा।
बलराम की पीठ पर लदी पालकी में प्रतिमा रखी जाएगी। यह पालकी 750 किलोग्राम सोने से बनी है।
52 साल के बलराम की ऊंचाई 2.7 मीटर है जबकि इसका वजन करीब 5,000 किलोग्राम है। वह एक प्रतापी हाथी है।
दशहरा का 10वां और अंतिम दिन विजयादशमी के रूप में मनाया जाता है। मान्यता है कि इस दिन चामुण्डेश्वरी देवी ने महिशासुर राक्षस का वध किया था।
मुख्यमंत्री बी. एस. येद्दियुरप्पा ऐतिहासिक अंबा विलास महल से दोपहर एक बजे झंडी दिखाकर हाथियों की सवारी को रवाना करेंगे।
इस 10 दिवसीय समारोह का सोमवार की शाम मशाल परेड के साथ समापन होगा।
मैसूर के पुलिस आयुक्त सुनील अग्रवाल ने शनिवार को पत्रकारों से कहा कि हाथियों की सवारी के लिए शहर में सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं।
सवारी के मार्ग में सुरक्षा व्यवस्था के लिए करीब 6,000 पुलिस कर्मियों को नियुक्त किया गया है।
अंबा विलास महल में सवारी को झंडा दिखाने के समारोह के दौरान महल में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल तैनात होंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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