जी-20 शिखर सम्मेलन के बाद स्वदेश लौटे प्रधानमंत्री (लीड-1)
सम्मेलन में भारत जैसी उभरती अर्थव्यवस्थाओं का अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय संस्थाओं में मतदान अधिकार सुधारने पर भी सहमति बनी।
जी-20 शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए मनमोहन सिंह ने मंदी की मार से जूझ रही वैश्विक अर्थव्यवस्था के सुधार के लिए दिए गए प्रोत्साहन पैकेजों को समय से पहले वापस लेने के खिलाफ चेतावनी दी।
सम्मेलन में भारत को उस समय बड़ी सफलता मिली जब अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) और विश्व बैंक में विकासशील देशों के मतदान प्रतिशत को बढ़ाने की उनकी मांग को स्वीकार कर लिया।
पिट्सबर्ग सम्मेलन में अप्रैल में लंदन में हुए जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान स्वीकार किए गए वैश्विक राहत पैकेजों को जल्दबाजी में वापस नहीं लेने के भारतीय रुख को स्वीकार कर लिया गया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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