जी-20 : वैश्विक आर्थिक नीतियों का शीर्ष फोरम बना
पिट्सबर्ग, 26 सितम्बर (आईएएनएस)। दुनिया के 20 ताकतवर देशों के संगठन जी-20 के नेताओं ने वैश्विक आर्थिक संकट से उबरने के लिए अर्थव्यवस्थाओं को प्रोत्साहित करते रहने और वित्तीय तंत्र की स्थिरता के लिए मिलकर काम करने पर सहमति जताई है। इस दिशा में आगे बढ़ते हुए जी-20 को एक शीर्ष फोरम बनाने का भी फैसला किया गया।
दो दिवसीय जी-20 सम्मेलन के अंत में दुनिया के आठ अमीर देशों के संगठन जी-8 की जगह जी-20 को देने का फैसला भारत, चीन, ब्राजील और तेजी से विकास कर रहे अन्य देशों के बढ़ते आर्थिक प्रभाव को दिखाता है।
अमेरिकी राष्ट्रपति कार्यालय 'व्हाइट हाउस' से जारी एक बयान के अनुसार, "विकासशील देशों को बातचीत की मेज पर लाने का फैसला वैश्विक अर्थव्यवस्था को मजबूत, अधिक संतुलित बनाने, वैश्विक वित्तीय तंत्र में सुधार और गरीबों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए किया गया है।"
दुनिया के कुल आर्थिक उत्पादन में 90 फीसदी योगदान देने वाले देशों के इस समूह ने शुक्रवार को वित्तीय कंपनियों को सहारा देने और जोखिम से बचने के मकसद से एक कानून बनाने और लागू करने की समय सीमा निर्धारित करने के प्रति भी प्रतिबद्धता जताई।
जी-20 सम्मेलन संपन्न होने के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "हम वैश्विक अर्थव्यवस्था को उबारने में सफल रहे हैं। हमने दीर्घकालीन समृद्धि के लिए काम करने की एक रूपरेखा तैयार की है। हमें पता है कि अभी इस दिशा में काफी काम करना है।"
पिट्सबर्ग सम्मेलन जी-20 देशों का पिछले एक साल में तीसरा सम्मेलन था। सम्मेलन में नेताओं ने विकास की रफ्तार तेज करने और बैकिंग नियमन पर शिकंजा कसने की दिशा में काम करने पर सहमति जताई है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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