सामूहिक बलात्कार के मामले में 10 साल की कैद
जसपुरा थाना क्षेत्र के रामपुर गांव में अनुसूचित जाति की महिला सुखरानी (31) पत्नी रामप्रसाद रैदास को 27 फरवरी 1994 की शाम गांव के बाहर इसी गांव के भूरा यादव ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर बलात्कार किया था और रातभर वहीं बंधक बनाए रखा था।
अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक नवीन दुबे और एडीजीसी उमाशंकर सिंह पटेल ने अदालत के समक्ष पांच गवाह पेश किए। विशेष न्यायाधीश (एससी-एसटी एक्ट) आरपी सिंह ने गुरुवार को खुली अदालत में भूरा को दोषी ठहराते हुए भारतीय दंड विधान की धारा-376 के तहत 10 साल की सश्रम कैद व 10 हजार रुपए जुर्माना एवं धारा-342 के तहत छह माह की सजा सुनाई है। जुर्माना न अदा करने पर दो वर्ष की कैद और भुगतनी होगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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