'एक ही तरह से लिखे जाते हैं ई-मेल और पत्र'
नॉर्थवेस्टर्न विश्वविद्यालय में मानव व्यवहार पर हुए एक नए अध्ययन में पता चला है कि ई-मेल के अस्तित्व में आने से पहले जो लोग कलम और कागज का उपयोग कर पत्र लिखते थे, उनकी लेखन शैली आज के ई-मेल की शैली जैसी थी।
अध्ययन में इन दो अलग-अलग दिखाई देने वाली क्रियाओं में पत्रों और ई-मेल के प्रति मानव की सक्रियता के आधार पर समानता प्रदर्शित की गई है।
शोधकर्ताओं ने 16 प्रसिद्ध लेखकों, प्रदर्शनकारियों, राजनीतिज्ञों और वैज्ञानिकों (आइंस्टीन, डार्विन, सिग्मंड फ्रायड, कार्ल मार्क्स और अर्नेस्ट हेमिंग्वे) के पत्राचार का अध्ययन किया था। उन्होंने पाया कि वे सभी बेतरतीब ढंग से लेकिन चक्रों में पत्र भेजते थे।
शोधकर्ताओं ने पाया कि रात-दिन के चक्र के दौरान कई पत्र एक साथ लिखे जाते थे और इन्हें लिखते वक्त इस बात पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता था कि कौनसा पत्र अहम है और उसे पहले लिखा जाना चाहिए। ठीक यही शैली ई-मेल की होती है।
यह उस तर्कसंगत मॉडल को खारिज करता है जिसके मुताबिक लोग दूसरों की प्रतिक्रिया से प्रेरित होते हैं। शोध में पता चला है कि लेखक चाहे किसी भी व्यवसाय से हों उनका व्यवहार समान होता है।
अध्ययन के शोधकर्ता और 'मेककोर्मिक स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड एप्लायड साइंस' के प्रोफेसर लुइस अमारॉल ने कहा, "मानव चयन किस तरह करते हैं यह जानने के लिए हम मानव व्यवहार के स्वरूपों को समझना और पहचानना चाहते थे।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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