ेसुरक्षा परिषद प्रस्ताव का लक्ष्य भारत नहीं : मनमोहन
जी-20 सम्मेलन के बाद सिंह ने पत्रकारों से कहा, "हमें आश्वस्त किया गया है कि यह प्रस्ताव भारत को निर्देशित नहीं है और अमेरिका असैन्य परमाणु समझौते के तहत अपनी जिम्मेदारी निभाएगा। अमेरिकी सरकार के अधिकारियों ने हमें आश्वस्त किया है कि जिस समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं वह अप्रभावित रहेगा।"
बहरहाल प्रधानमंत्री ने कहा कि एनपीटी पर हस्ताक्षर करने वाले ईरान को अपनी सभी जिम्मेदारियां निभानी चाहिए और समझौते में हासिल सभी अधिकारों का लाभ उठाना चाहिए।
उन्होंने कहा, "हमारा रुख है कि एनपीटी पर हस्ताक्षरकर्ता के नाते ईरान को परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण उपयोग का अधिकार है और उसे अपनी सभी जिम्मेदारियां निभानी चाहिए।"
ईरान के यूरेनियम संवर्धन जारी रखने के खिलाफ फ्रांस और ब्रिटेन के कड़े प्रतिबंधों की धमकी के बारे में पूछे जाने पर सिंह ने कहा कि ईरान का मुद्दा जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान नहीं उठा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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