मंदी की मार से बेहाल हैं मूर्तिकार
मूर्ति निर्माता संघ के सचिव बाबूलाल ने आईएएनएस को बताया," पिछले साल कुमारटोली में 46 मूर्तियां भेजी गई थी। इस साल इनकी मांग गिरकर 34 तक आ गई।"
प्रद्युत पाल ने कहा," मैं आमतौर पर छह से सात मूर्तियां भेजता हूं। लेकिन पिछले दो वर्ष में हमारा व्यापार काफी धीमा चल रहा है। इस वर्ष मैं केवल चार मूर्तियां ही भेज पाया हूं।"
पाल का परिवार पिछले 50 वर्षो से मूर्तियां बनाने के कारोबार में लगा हुआ है।
बासुदेव रूद्रपाल ने आईएएनएस को बताया,"मैं प्रत्येक वर्ष 24 से 25 मूर्तियां बनाता हूं और इनमें से एक या दो निर्यात करता हूं।"
यहां बनने वाली मूर्तियां ब्रिटेन,अमेरिका,आस्ट्रेलिया,मलेशिया, कनाडा, दक्षिण अफ्रीका और इंडोनेशिया भेजी जाती हैं।
कई मूर्तिकारों की अपनी वेबसाइट हैं जिनपर विदेशों से मूर्तियों की ऑनलाइन बुकिंग होती है। देवी दुर्गा की इन मूर्तियों की कीमत 5,000 से लेकर 150,000 रुपये तक है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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