जहाज दुर्घटना की जांच करने पारादीप पहुंचा केंद्रीय दल
दल में जहाजरानी के महानिदेशक पी. मोहन और बंदरगाह अभियानों के महानिदेशक श्रीनिवास नायर भी शामिल हैं।
जहाज से तेल फैलने की वजह से समुद्री जीवन के लिए पैदा हुए खतरे को देखते हुए पारादीप बंदरगाह अधिकारियों द्वारा इस मामले में दखल देने के बाद जहाजरानी मंत्रालय ने विशेषज्ञों का दल वहां भेजने का निर्णय लिया।
924 टन तेल ले जा रही एमवी ब्लैक रोज नाम की एक मंगोलियाई पंजीकृत पोत नौ सितम्बर को डूब गई थी। बंदरगाह अधिकारियों के मुताबिक अर्ध-ठोस अवस्था में उपस्थित 900 टन तेल अब भी पोत के अंदर है लेकिन कुछ तेल बाहर फैल गया है। प्रदूषण नियंत्रण अधिकारियों ने समुद्र तट से तीन से चार किलोमीटर दूर तेल के धब्बे देखे हैं।
जहाज में 924 टन तेल के अलावा 25,000 टन लौह अयस्क भी था। साथ ही जहाज दल के 27 सदस्य भी मौजूद थे। युक्रेन के एक इंजीनियर के अलावा सभी सदस्यों को बचा लिया गया था।
पारादीप बंदरगाह ट्रस्ट तेल को पुन: इकट्ठा नहीं कर सका और उसने पंप द्वारा तेल को बाहर निकालने के लिए निविदाएं आमंत्रित की थीं। उड़ीसा की 'वाइल्डलाइफ सोसायटी' ने अपनी चिंता जताते हुए कहा है कि इससे यहां के ओलिव रिडले कछुओं की प्रजनन भूमि को नुकसान पहुंच सकता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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