विजयादशमी से शुरू होती है बच्चों की पढ़ाई-लिखाई
तिरूवनंतपुरम, 26 सितम्बर (आईएएनएस)। केरल में सोमवार को विजयादशमी के अवसर पर मंदिरों, गिरजाघरों और स्कूलों में हजारों हिंदू और ईसाई बच्चे चावल से भरी तश्तरी में अपना पहला अक्षर लिखकर अपनी शिक्षा की विधिवत शुरूआत करेंगे।
'विद्यारंभम् संस्कार' हिंदूओं की परंपरा है। अब यह परंपरा गिरजाघरों में भी प्रचलित हो रही है। यही वजह है कि विजयादशमी वाले दिन हिंदू और ईसाई दोनों धर्मो के बच्चों के लिए इस परंपरा का निर्वहन किया जाता है।
विजयादशमी को ज्ञार्नाजन शुरू करने के लिए अच्छा दिन माना जाता है। बच्चों के अभिभावक, प्रख्यात साहित्यकार, शिक्षक और यहां तक कि राजनेता भी बच्चों का हाथ पकड़कर चावल से भरी तश्तरी में मलयाली अक्षर लिखने में उनकी मदद करते हैं।
जहां हिंदू भगवान गणेश की आराधना में 'हरि श्री गणपत्ये नम:' लिखते हैं वहीं ईसाई बच्चे ईसा मसीह को याद करते हुए 'श्री यीसू मसीहाय नम:' लिखते हैं।
सेंट जॉर्ज ऑर्थोडॉक्स गिरजाघर के पादरी पी. जी. जोस ने आईएएनएस से कहा, "गिरजाघर में सोमवार को इसका आयोजन किया जा रहा है और जो भी बच्चे सीखने की दुनिया में कदम रखेंगे उनकी शुरूआत प्रार्थनाओं के साथ होगी।"
राज्य के शिक्षा मंत्री और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट के नेता एम. ए. बेबी ने कहा कि इस आयोजन के दौरान वह भी उपस्थित रहेंगे।
बेबी ने कहा, "मैं 2006 में शिक्षा मंत्री बनने के बाद से ही ऐसे आयोजन में हिस्सा लेता आ रहा हूं और मुझे सोमवार को छोटे बच्चों को पढ़ाई-लिखाई की दुनिया में प्रवेश कराने पर खुशी होगी।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
**


Click it and Unblock the Notifications