प्रणब मुखर्जी अब पुजारी की भूमिका में
किरनहार (पश्चिम बंगाल), 26 सितम्बर (आईएएनएस)। मंदी से निपटने और समग्र विकास सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रीय नीतियों के निर्माण से दूर केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी इस समय अपने पैतृक गांव में पारंपरिक दुर्गापूजा उत्सव में पुजारी की भूमिका निभाने में व्यस्त हैं।
बीरभूम जिले के इस कस्बे से दो किलोमीटर दूर स्थित अपने मिरिती गांव में शुक्रवार और शनिवार को मुखर्जी ने पटबस्त्र (देवी की पूजा के लिए पहना जाने वाला रेशमी वस्त्र) धारण किया और 'श्री श्री चंडी' का पाठ किया। नवरात्र की समाप्ति तक वह व्रत रखेंगे।
बहरहाल पहले की तरह मुखर्जी शुक्रवार को गांव के तालाब से घड़ा भरने नहीं गए। इस धार्मिक अनुष्ठान से ही शुक्रवार को महासप्तमी की पूजा आरंभ हुई।
मुखर्जी वर्षो से बंगाल के सबसे बड़े त्योहार के अंतिम चार दिनों में पूजा करते रहे हैं। वह आमतौर पर अपने घर 'मुखर्जी भवन' में षष्ठी पर आते हैं और विजयादशमी को प्रतिमा विसर्जन के दिन तक ठहरते हैं। इस वर्ष विजयादशमी सोमवार को है।
संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार के प्रमुख संकटमोचक ने इस वर्ष अपने ठहरने का प्रबंध कस्बे में अपनी बहन के घर पर किया है और सभी राजनीतिक तथा आर्थिक मुद्दों को पूजा के दौरान एक तरफ रख दिया है।
मुखर्जी भवन में दुर्गापूजा की शुरुआत वित्त मंत्री के दादा ने करीब 100 वर्ष पहले की थी।
जिले में नक्सलियों के प्रभाव को देखते हुए गांव के चारों ओर कड़ा सुरक्षा घेरा कायम किया गया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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