नक्सलवाद के खिलाफ लंबी लड़ाई लड़नी होगी : चिदम्बरम (लीड-2)
प्रदेश के आला सुरक्षा अधिकारियों से चर्चा के बाद सचिवालय के बाहर पत्रकारों से चर्चा में चिदम्बरम ने कहा, "नक्सलवाद के खिलाफ हमें लंबी लड़ाई लड़नी है। इसके लिए केंद्र सरकार छत्तीसगढ़ को पूरा सहयोग देगी।"
चिदम्बरम ने पूछे गए अन्य सवालों का जवाब देने से इंकार करते हुए कहा कि वह छत्तीसगढ़ को भरपूर सहयोग का भरोसा देने और पिछले दिनों एक नक्सली हमले में मारे गए पुलिसकर्मियों के परिजनों से मिलने के लिए रायपुर के दौरे पर आए हैं।
इस बीच आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी है कि प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार से नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई के लिए अधिक सैन्य बल और संसाधन उपलब्ध कराए जाने की मांग की है।
इससे पहले, चिदम्बरम ने राजनांदगांव जिले में पिछले दिनों नक्सली हमले में शहीद हुए भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारी वी. के. चौबे और पुलिस कांस्टेबल संजय यादव के घर जाकर उनके परिजनों से भी मुलाकात की और उन्हें सांत्वना दी।
चिदम्बरम मुख्यमंत्री रमन सिंह के साथ बगैर पूर्व सूचना के दिवंगत चौबे और दिवंगत यादव के घर पहुंचे। ज्ञात हो कि गत 12 जुलाई को चौबे और यादव की नक्सलियों ने राजनांदगांव जिले के मदनवाड़ा वन क्षेत्र में हत्या कर दी थी। इस नक्सली हमले में 29 पुलिसकर्मी शहीद हुए थे।
चौबे प्रदेश के पहले आईपीएस अधिकारी हैं जिनकी नक्सली हमले में हत्या हुई है। वह लंबे समय से नक्सलियों की हिटलिस्ट में थे।
रायपुर के माना हवाईअड्डे पर उतरने के बाद चिदम्बरम सीधे राजभवन पहुंचे और वहां राज्यपाल ई. एस. एल. नरसिम्हन और मुख्यमंत्री रमन सिंह से मुलाकात की।
इसके बाद मुख्यमंत्री के साथ चिदम्बरम ने दिवंगत अधिकारी चौबे के घर जाकर उनकी पत्नी रंजना चौबे से भेंट की और उन्हें सांत्वना दी।
मुलाकात के बाद चिदम्बरम ने पत्रकारों से चर्चा में कहा कि उनका छत्तीसगढ़ आने का मकसद नक्सली हमले में शहीद जवानों के परिजनों से मिलना था।
रंजना ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, "देश के गृह मंत्री हमें सांत्वना देने पहुंचे, यह अच्छा लगा। उन्होंने आश्वासन दिया है कि दुख की इस घड़ी में सरकार उनका साथ देगी।"
गृह मंत्री ने प्रदेश के आला सुरक्षा अधिकारियों के साथ एक बैठक की और फिर झारखण्ड के लिए रवाना हो गए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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