मलेशिया में भारतीय मूल के लोगों के लिए नया राजनीतिक दल
उम्मीद है कि इससे प्रतिबंधित संगठन हिंदू राइट्स एक्शन फोर्स(हिंद्राफ)के विभिन्न गुटों के बीच आपसी मतभेद कम होंगे।
इस नए दल की शुरूआत 10 अक्टूबर को होगी और इसे मलेशिया मक्कल शक्ति के नाम से जाना जाएगा।
स्थानीय समाचार पत्र 'द स्टार' ने नए दल के महासचिव कन्नन रामासामी के हवाले से कहा,"हमें खुशी है कि उन्होंने हमारा आमंत्रण स्वीकार कर लिया है और हमारे दल की शुरूआत के मौके पर प्रधानमंत्री की मौजूदगी हमारे लिए अच्छी साबित होगी।"
नए दल का आधिकारिक पंजीकरण इस साल की शुरूआत में कराया गया था। इस दल में शामिल ज्यादातर सदस्य हिंद्राफ के ही हैं। हिंद्राफ को नवंबर 2007 में सरकार विरोधी रैलियां आयोजित करने के कारण सरकार के कड़े रुख का सामना करना पड़ा था। बाद में मलेशियाई सरकार ने संगठन पर प्रतिबंध लगा दिया था।
सरकार ने हिंद्राफ के पांच शीर्ष नेताओं एम. मनोहरन, पी. उथय कुमार, वसंथ कुमार,एस केंगाधरन और गणबति राव पर राजद्रोह का आरोप लगाकर आंतरिक सुरक्षा कानून(आईएसए) के तहत उन्हें जेल में बंद कर दिया था।
अप्रैल में प्रधानमंत्री बनने के बाद रजाक ने सद्भाव दिखाते हुए इन नेताओं को रिहा कर दिया था। हालांकि हिंद्राफ के बहुसंख्य नेता अभी तक सरकार से असंतुष्ट हैं, पर कन्नन और पार्टी अध्यक्ष आर. एस. तानेनतिरन ने सरकार के साथ सुलह कर ली है। ये दोनों ही हिंद्राफ के समन्वयक रह चुके हैं।
प्रधानमत्री रजाक सत्तारूढ़ बारिसान नेशनल गठबंधन के प्रमुख भी हैं। मलेशियन इंडियन कांग्रेस और कई अन्य छोटे दल इस गठबंधन में शामिल हैं जो भारतीय मूल के लोगों के हितों की नुमाइंदगी करते हैं। नई पार्टी भी बारिसान नेशनल गठबंधन का हिस्सा बन सकती है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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