जी-20: विकासशील देशों की होगी अहम भूमिका
पिट्सबर्ग, 25 सितम्बर (आईएएनएस)। वैश्विक अर्थव्यवस्था को मंदी से उबारने और वैश्विक वित्तीय तंत्र को पटरी पर लाने में भारत जैसे विकासशील देशों की अधिक सक्रिय भूमिका को लेकर तेज होती मांगों के बीच जी-20 सम्मेलन शुक्रवार को शुरू हो गया।
सम्मेलन में भाग लेने आए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि वैश्विक वित्तीय संकट से जुड़ी समस्याओं को हल करने में भारत अहम योगदान दे सकता है।
वहीं दूसरी ओर अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा का मानना है कि अमेरिका सभी समस्याओं का समाधान अकेले नहीं कर सकता इसके लिए दुनिया के बड़े देशों को मिल कर आम सहमति बनाने की पहल करनी होगी।
इससे पहले विश्व बैंक के अध्यक्ष राबर्ट जायेलिक ने गुरुवार को कहा, " विकसित देशों को यह समझना होगा कि वैश्विक वित्तीय संकट के लिए जिम्मेदार समस्याओं के समाधान में विकासशील देशों की अहम भूमिका है।
उन्होंने कहा,"पिट्सबर्ग सम्मेलन एक निर्णायक बिंदु हो सकता है। वित्तीय समस्याओं के समाधान के लिए किए जा रहे प्रयासों में विकासशील देशों की अहम भूमिका है।"
उन्होंने कहा,"अगर लंदन सम्मेलन वित्तीय सुधार पर केंद्रित था, पिट्सबर्ग सम्मेलन को विकासशील देशों की आवाज का मंच बनने दें।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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