बिजली संकट से फीकी पड़ रही है दुर्गा पूजा की चमक
सूबे के इलाहबाद, गोरखपुर, जौनपुर, हरदोई, सीतापुर और वाराणसी जिलों की करीब 100 पूजा समितियों ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों से बिजली कटौती को लेकर अपना विरोध दर्ज कराते हुए पूजा पंडालों को बंद करने की धमकी दी है।
जौनपुर की मढ़ियाहूं विधानसभा सीट की विधायक सीमा द्विवेदी ने शुक्रवार को आईएएनएस से कहा कि पूजा समितियों के पदाधिकारी लगातार हम पर अपना दबाव बना रहे हैं। उनका कहना है कि अगर पूजा पंडालों को पर्याप्त बिजली आपूर्ति नहीं की गई तो उन्हें बंद करने के सिवाय कोई विकल्प नहीं बचेगा।
इस बीच गुरुवार को मढ़ियाहूं सहित जिले के अन्य इलाकों में कई पूजा समितियों ने अपने पंडाल बंद कर बिजली कटौती के खिलाफ प्रदशर्न किया।
जौनपुर की जगदंबा पूजा समिति के महासिचव ए. के. सिन्हा ने कहा कि दुर्गा पूजा के दिनों में तो आम दिनों से ज्यादा कटौती हो रही है। दिनभर में छह से सात घंटे बिजली आपूर्ति में हम कैसे रोशनी और लाउडस्पीकर के साथ भव्य समारोह आयोजित कर सकते हैं।
गोरखपुर की काली पूजा कमेटी के पदाधिकारी अमित कुमार घोष ने कहा कि नवरात्रि के समय तो कम से कम रातभर बिजली की आपूर्ति होना चाहिए। केवल जनरेटर के सहारे रातभर पंडालों की रोशनी जलाने का खर्च हम वहन नहीं कर सकते।
अधिकारियों के मुताबिक इन दिनों राज्य में बिजली की मांग 9,000 मेगावाट पहुंच गई है, जबकि उपलब्धता केवल 6,500 मेगावाट ही है। दुर्गा पूजा उत्सव के चलते राज्य में प्रतिदिन 500 से 600 मेगावाट बिजली की अतिरिक्त मांग हो रही है।
उधर इस बारे में उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन लिमिटेड निदेशक (वितरण), जवाहर लाल ने आईएएनएस से कहा कि इस संबंध में हम पूजा समिति के पदाधिकारियों से बात करेंगे। उन्होंने कहा कि बिजली संकट का हल निकालने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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