कृषि में उत्कृष्ट कायरें के लिए राजस्थान को 4 पुरस्कार
राजस्थान को कोटा और बीकानेर में सिंचित क्षेत्र विकास के लिए दो पुरस्कार, सीकर जिले में कृषि विस्तार कार्यक्रम और उदयपुर जिले में जलग्रहण विकास एवं भू-संरक्षण के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कायरे के लिए एक-एक पुरस्कार प्राप्त हुआ है।
नई दिल्ली के सी.जी.ओ. स्कोप काम्पलैक्स में गुरूवार को सायं सम्पन्न पुरस्कार वितरण समारोह में केन्द्रीय कृषि राज्यमंत्री के.वी.थॉमस ने यह पुरस्कार प्रदान किए। राजस्थान के सिंचित क्षेत्र विकास विभाग, चंबल परियोजना कोटा के क्षेत्रीय सिंचित विकास आयुक्त एवं कोटा के संभागीय आयुक्त पी.एल.अग्रवाल, सिंचित क्षेत्र विकास बीकानेर के आयुक्त एवं बीकानेर के संभागीय आयुक्त प्रीतम सिंह, राज्य के कृषि आयुक्त जे.सी.मोहंती और जलग्रहण विकास एवं भू-संरक्षण विभाग, राजस्थान के अतिरिक्त निदेशक ओ.पी.शर्मा ने केन्द्रीय कृषि राज्यमंत्री थॉमस से यह पुरस्कार ग्रहण किए।
देश की सभी सिंचाई परियोजनाओं एवं सिंचित क्षेत्रों की श्रेणी में आने वाली परियोजनाओं में उत्पादकता में प्रथम रहने पर सी.ए.डी., चंबल परियोजना, कोटा को राष्ट्रीय उत्पादकता पुरस्कार प्रदान किया गया है। कोटा के संभागीय आयुक्त एवं क्षेत्रीय विकास आयुक्त सिंचित क्षेत्र विकास, चंबल परियोजना कोटा श्री पी.एल.अग्रवाल ने यह पुरस्कार ग्रहण किया। सी.ए.डी., कोटा 2006-07 के लिए मिले इस पुरस्कार सहित लगातार तीसरी बार राष्ट्रीय उत्पादकता पुरस्कार हासिल करने का गौरव मिला है।
सी.ए.डी. कोटा को इससे पूर्व 2004-05 के लिए सर्टिफिकेट ऑफ मेरिट अवार्ड और वर्ष 2005-06 में दूसरे स्थान पर रहने के लिए राष्ट्रीय उत्पादकता पुरस्कार मिल चुका है। सी.ए.डी. कोटा को इससे पहले भी वर्ष 1994-95 वर्ष 1995-96 में लगातार दो वषरे तक राष्ट्रीय उत्पादकता का प्रथम एवं द्वितीय पुरस्कार हासिल हुआ था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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