सुरक्षा परिषद सदस्यों के वीटो अधिकार रद्द हों : अहमदीनेजाद (लीड-1)
उधर वाशिंगटन पोस्ट ने खबर दी है कि अहमदीनेजाद ने अमेरिका और पश्चिमी देशों के सामने अपने परमाणु प्रतिष्ठानों के निरीक्षण का प्रस्ताव पेश किया है।
संयुक्त राष्ट्र आमसभा के 64वें अधिवेशन को संबोधित करते हुए अहमदीनेजाद ने कहा, "यह अस्वीकार्य है कि संयुक्त राष्ट्र और सुरक्षा परिषद, जिसे लोकतांत्रिक तरीके से सभी सदस्य देशों की राय का प्रतिनिधित्व करना चाहिए, उस पर कुछ देशों का प्रभुत्व है और वे सिर्फ अपने हित साध कर रहे हैं।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने यूरेनियम का संवर्धन बंद करने से मना करने पर 2006 में ईरान के खिलाफ आर्थिक प्रतिबंध लगा दिए थे।
दुनिया के ताकतवर देशों ने कहा है कि वे ईरान से परमाणु मसले पर एक अक्टबूर को होने वाली बैठक में गंभीर प्रतिक्रिया की आशा करते हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा और रूस के राष्ट्रपति दमित्री मेदवेदेव ने कहा कि वे ईरान पर दबाव बनाने के लिए सहमत हैं और उस पर और प्रतिबंध लगाए जाने के विकल्प को भी खुला रखा गया है।
ओबामा और मेदवेदेव ने संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक के दौरान बुधवार को मुलाकात की थी। ईरान पर और प्रतिबंध लगाने के मसले पर मेदवेदेव ने कहा, "कम ही मामलों में प्रतिबंध लगाने से कुछ हासिल होता है लेकिन कुछ मामलों में प्रतिबंध लगाना आवश्यक हो जाता है।"
अमेरिका, रूस, ब्रिटेन, चीन, फ्रांस और जर्मनी के विदेश मंत्रियों ने आज एक अक्टूबर को होने वाली बैठक से पहले मुलाकात की। विदेश मंत्रियों द्वारा जारी एक बयान में कहा गया कि वे ईरान के साथ बातचीत करने के लिए सहमत हैं। उन्होंने कहा कि एक अक्टूबर को होने वाली बैठक ईरान को परमाणु मुद्दों पर बातचीत के लिए मौका देगी।
दूसरी ओर ईरान के राष्ट्रपति अहमदीनेजाद ने बुधवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करते हुए परमाणु मुद्दे को लेकर एक अक्टूबर को होने वाली बैठक की कोई चर्चा नहीं की।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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