परमाणु प्रसार संबंधी पत्र पर ए. क्यू. खान खामोश
इस पत्र के प्रकाशन से परमाणु तकनीक के प्रसार में उनकी भूमिका के बारे में नई चिंताएं पैदा हो गईं हैं।
समाचार पत्र 'डान' के अनुसार खान ने कहा कि वह इस बारे में कोई टिप्पणी नहीं कर सकते, क्योंकि उन्होंने वह कथित पत्र देखा नहीं है।
खान ने आगे कहा, "जहां तक परमाणु प्रसार में मेरी कथित भूमिका का सवाल है वह न्यायालय के विचाराधीन है। मैं नई मीडिया रिपोर्ट पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकता। अपनी स्थिति स्पष्ट करते-करते मैं थक गया हूं लेकिन मुझे पता है कि यह कभी खत्म न होने वाला विवाद है।"
समाचार पत्र 'संडे टाइम्स' के अनुसार हालैंड के खुफिया एजेंटों ने खान की पुत्री के पास से वर्ष 2004 में एक चार पेज का पत्र बरामद किया था। इस पर 10 दिसम्बर 2003 की तारीख दर्ज है और यह खान की डच पत्नी हेनी को संबोधित है।
पत्र में खान ने अपनी पत्नी से उनके खिलाफ किसी भी सरकारी कार्रवाई के विरूद्ध कड़ा रुख अपनाने को कहा है।
पत्र में खान ने आशंका जताई है कि उनसे करवाए गए सभी कार्यो पर पर्दा डालने के लिए सरकार उनसे छुटकारा पाने का प्रयास कर सकती है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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