राहुल उत्तर प्रदेश के गोपनीय दौरे पर
श्रावस्ती जिले के सिरसिया थाना-प्रभारी रमाशंकर सरोज ने आईएएनएस को बताया कि गुरुवार सुबह उन्हें इस बात की जानकारी मिली कि राहुल गांधी बुधवार देर रात करीब 12 बजे तिलहर गांव पहुंचकर ग्राम प्रधान छेदीराम के घर रात गुजारी। इस दौरान उन्होंने छेदीराम के घर खाना और वहीं पर चौपाल लगाकर लोगों की समस्याएं सुनीं।
सरोज ने बताया कि आज सुबह वह स्थानीय लोगों के साथ गांव के प्राथमिक विद्यालय गए और कक्षा में बच्चों से बात की। फिर वहां से ग्रामीणों को साथ लेकर उन्होंने आसपास के इलाकों के खेतों का दौरा किया। इस दौरान राहुल को देखने के लिए आसपास के गांवों के लोगों की भारी भीड़ वहां इकट्ठा थी।
उधर, जिले के पुलिस अधीक्षक सुभाष चंद्र दुबे ने कहा कि राहुल गांधी के कार्यक्रम के बारे में स्थानीय प्रशासन को पहले से कोई जानकारी नहीं दी गई। आज सुबह उनके जिले के रामपुर देवगना के आसपास के गांवों में होने की सूचना मिली। दोपहर करीब 12 बजे वह यहां से निकल गए।
राहुल का काफिला श्रावस्ती से बहराइच की तरफ निकला। राहुल के अगले पड़ाव के बारे में किसी को कोई ठोस जानकारी नहीं है। प्रदेश कांग्रेस समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि उन्हें राहुल के कार्यक्रम के बारे में कोई जानकारी नहीं है।
इससे पहले बुधवार को स्पेशल आपरेशन ग्रुप (एसपीजी) सुरक्षा के घेरे में राहुल का काफिला लखनऊ हवाई अड्डे से आनन-फानन में फैजाबाद होते हुए बाराबंकी और बहराइच पहुंचा। मालूम हो कि ये सभी वे जिले हैं जहां के सांसद कांग्रेसी हैं। बताया जा रहा है कि राहुल ने रास्ते में टूटी हुई सड़कों की वीडियोग्राफी भी करवाई। करीब आधा दर्जन जिलों के राहुल के इस अति गोपनीय दौरे पर प्रदेश सरकार के आला अधिकारी असमंजस में हैं।
प्रदेश के अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) द्वितीय ए.के. जैन ने लखनऊ में संवाददाताओं से कहा कि राहुल गांधी के दौरे को लेकर एसपीजी को जानकारी देनी चाहिए थी ताकि उनकी सुरक्षा का पुख्ता प्रबंध किया जाए लेकिन ऐसा नहीं किया गया। ऐसे में अगर कोई अप्रिय घटना घट जाए तो प्रदेश पुलिस को जिम्मेदार ठहराया जाएगा। जैन ने कहा कि भविष्य में ऐसा न हो इसके लिए एसपीजी के अधिकारियों के वार्ता की जाएगी।
सूत्रों के अनुसार राज्य सरकार भी इस मामले में केंद्रीय गृह मंत्रालय के पास आपत्ति दर्ज कराएगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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