ओबामा चाहते हैं आदान-प्रदान का एक नया युग
राष्ट्रपति बनने के बाद पहली बार संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करते हुए ओबामा ने बुधवार को दुनिया की समस्याओं के प्रति शुरुआती कदम के रूप में अपने नए प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई का बचाव किया। ओबाम ने अन्य नेताओं से भी अपनी जिम्मेदारियों को महसूस करने के लिए कहा।
ओबामा ने कहा, "गलती न करने का कौशल अकेले अमेरिका के पास नहीं हो सकता। जो लोग चाहते हैं कि अमेरिका दुनिया में अकेले कार्रवाई करे वे अब ऐसा नहीं सोच सकते और इस बात का इंतजार नहीं कर सकते कि अमेरिका अकेले दुनिया की समस्याओं को सुलझाए।"
ओबामा ने अपने संबोधन के दौरान परमाणु प्रसार, शांति व सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन तथा वैश्विक वृद्धि व विकास पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि वाशिंगटन फिलहाल संयुक्त राष्ट्र के साथ बुश प्रशासन की बनिस्बत ज्यादा पूर्ण तरीके से आदान-प्रदान कर रहा है।
ओबामा ने हालांकि यह भी स्वीकार किया कि अमेरिका और दुनिया के इसके अन्य साझेदार अतीत में कुछ वैश्विक समस्याओं का मुकाबला करने में बुरी तरह विफल रहे हैं। ओबामा ने कहा, "यदि हम खुद में ईमानदार हैं तो हमें यह स्वीकार करने की जरूरत है कि हम उस जिम्मेदारी को नहीं निभा रहे हैं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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