वैश्विक अर्थव्यवस्था के प्रबंधन में भारत की भूमिका अनिवार्य : प्रधानमंत्री (लीड-1)
प्रधानमंत्री के अनुसार वैश्विक अर्थव्यवस्था और वित्तीय बाजारों में महत्वपूर्ण सुधार दिखाई देने के बावजूद वैश्विक अर्थव्यवस्था संकट से अभी उबरी नहीं है।
उन्होंने देश के आर्थिक भविष्य और मंदी से प्रभावित वैश्विक अर्थव्यवस्था में सुधार के प्रति भरोसा जताते हुए अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय संस्थाओं में सुधार के साथ सभी प्रकार के संरक्षणवाद का विरोध विरोध किया।
सम्मेलन में विश्व के 20 ताकतवर देशों के नेता वैश्विक मंदी के एक साल बाद की स्थिति और वैश्विक वित्तीय नियामक तंत्र को मजबूत बनाने के तौर-तरीकों पर विचार विमर्श करेंगे। सम्मेलन की मेजबानी अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा करेंगे।
पिट्सबर्ग रवाना होने से पहले जारी एक बयान में प्रधानमंत्री ने कहा, "यद्यपि हमारी आर्थिक वृद्धि दर धीमी होकर वर्ष 2008-09 में 6.7 प्रतिशत हो गई, पर भारत पिट्सबर्ग सम्मेलन में एक विश्वास की भावना के साथ जा रहा है।"
भारतीय अर्थव्यवस्था में सुधार के मजबूत संकेतों और निवेश के एक आकर्षक स्थल बने रहने का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, "प्राथमिक रूप से हमारा विकास घरेलू मांग से संचालित है, हमारी बचत दर ऊंची है और बाहरी क्षेत्रों का प्रदर्शन भी सुधर रहा है।"
उन्होंने कहा कि पूंजी प्रवाह, विशेषकर संस्थागत प्रवाह ने गति पकड़ ली है और भारत एक आकर्षक निवेश स्थल बना हुआ है।
प्रधानमंत्री अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों में सुधारों और उनके प्रबंधन में भारत की अधिक सक्रिय भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए भी प्रयास करेंगे।
उन्होंने कहा, "यह आवश्यक है कि भारत को विश्व अर्थव्यवस्था के प्रबंधन में शामिल किया जाए क्योंकि उसमें हमारा एक बड़ा हित और एक बड़ा योगदान है।"
उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय संस्थाओं के प्रशासन में सुधार की और कम प्रतिनिधित्व वाले देशाों की आवाज और प्रतिनिधित्व बढ़ाने की आवश्यकता है।
सम्मेलन में दोहा दौर की व्यापार वार्ता पर जारी बातचीत को सफल बनाने के लिए सकारात्मक पहल करने पर भी विचार किए जाने की संभावना है।
गुरुवार को शुरू हो रहे जी-20 सम्मेलन में योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया प्रधानमंत्री के मुख्य सहयोगी होंगे।
सम्मेलन में भारत और अमेरिका के अलावा अर्जेटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, इंडोनेशिया, इटली, जापान, मेक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण कोरिया, तुर्की, ब्रिटेन और यूरोपीय संघ भाग ले रहे हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
*


Click it and Unblock the Notifications