भारत से और उपग्रह प्रक्षेपित करना चाहता है स्विटजरलैंड
स्विटजरलैंड दूतावास में शिक्षा व अनुसंधान सचिवालय की कार्यकारी निदेशक सिल्वा होस्टेटलर ने यहां आईएएनएस से कहा, "यह हमारा पहला उपग्रह है और इसके सफल प्रक्षेपण से हम प्रसन्न हैं। इस उपग्रह को स्विटजरलैंड में एक शैक्षणिक संस्थान द्वारा 400,000 यूरो की लागत से निर्मित किया गया था।"
होस्टेटलर यहां स्विटजरलैंड द्वारा निर्मित और उसके स्वामित्व वाले क्यूबसेट के प्रक्षेपण के मौके पर गवाह के रूप में आई हुई थीं। इस उपग्रह को भारत के ओसनसेट-2 पर आरोपित कर भारतीय रॉकेट पीएसएलवी से प्रक्षेपित किया गया।
होस्टेटलर के अनुसार ठीक इसी आकार का (एक किलोग्राम का) एक दूसरा उपग्रह भी स्विटजरलैंड में एक शैक्षणिक संस्थान द्वारा विकसित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा, "भारत व स्विटजरलैंड ने 61 साल पहले एक मित्रता संधि पर हस्ताक्षर किया था। अब इस प्रक्षेपण से हमारी मित्रता मजबूत हुई है।"
ज्ञात हो कि भारत ने बुधवार को अपने 16वें सुदूर संवेदी उपग्रह का सफलतापूर्वक प्रक्षेपण किया है। 160 करोड़ रुपये की लागत वाले ओसनसेट-2 नामक इस उपग्रह के जरिए समुद्र और जलवायु का अध्ययन किया जाएगा। यूरोप निर्मित छह छोटे उपग्रह भी इस उपग्रह पर आरोपित कर एक रॉकेट के जरिए श्रीहरिकोटा से प्रक्षेपित किए गए हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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