जलवायु परिवर्तन रोकने के लिए सबकी जिम्मेदारी तय हो : भारत
जलवायु परिवर्तन के मसले पर कोपेनहेगन में दिसम्बर में होने वाली एक महत्वपूर्ण बैठक से पहले संयुक्त राष्ट्र की पहल पर हो रहे सम्मेलन में मंगलवार को यह बात विदेश मंत्री एस.एम. कृष्णा ने कही।
कोपेनहेगन में दुनिया भर के देश जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए एक नई वैश्विक संधि पर सहमति कायम करने का प्रयास करेंगे। कृष्णा ने कहा, "कोपेनहेगन में ठोस और सकारात्मक परिणाम सुनिश्चित करने में हमारा एक बड़ा हित है।"
कृष्णा ने कहा, "सभी पर समान जिम्मेदारी होनी चाहिए और खासतौर पर साझा लेकिन विविध और ऐतिहासिक जिम्मेदारी के तहत भी उत्तरदायित्व निर्धारित किया जाना चाहिए।"
कृष्णा ने कहा कि यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि विकासशील देश अपने विकास की गति बढ़ा सकें और उनके पास जलवायु परिवर्तन का सामना करने और उससे अनुकूलन के लिए संसाधन भी हों।
विकसित देशों की गैर टिकाऊ जीवनशैली और उत्पादन तथा उपभोग के तरीके को जलवायु परिवर्तन का कारण बताते हुए कृष्णा ने कहा, "यह जारी नहीं रह सकता।"
उन्होंने कहा कि विकासशील देशों में विकास की गति बढ़े और गरीबी खत्म हो यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए। इसके अलावा विकसित देशों को वादे के अनुसार वर्ष 1990 की आधार सीमा से वर्ष 2020 तक अपने उत्सर्जन में 40 प्रतिशत की कटौती करनी चाहिए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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