सरकार का वित्तीय घाटे को 4 फीसदी से नीचे लाने का लक्ष्य
बंगाल चैंबर्स एंड कॉमर्स एंड इंडस्ट्री की 155वीं वार्षिक बैठक को संबोधित करते हुए मुखर्जी ने कहा, "हमें वर्ष 2011 में वित्तीय घाटे को पांच फीसदी और वर्ष 2012 में इसे चार फीसदी से नीचे लाने की कोशिश करनी चाहिए।" देश का व्यापार घाटा करीब 6.8 फीसदी है।
जब उनसे पूछा गया कि वित्तीय घाटे पर कैसे काबू पाया जाएगा तो उन्होंने कहा कि जब एक बार वैश्विक अर्थव्यवस्था अपनी गति में लौट आएगी तो प्रोत्साहन पैकेज की जरूरत नहीं पड़ेगी।
मुखर्जी ने कहा, "बजट के दौरान हमने जोखिम उठाते हुए विकास संबंधी कार्यक्रमों के लिए आवंटन में 39 फीसदी की बढ़ोतरी कर दी थी। हम यह भी जानते थे कि इसके कारण वित्तीय घाटा स्थिर नहीं रहेगा।"
छठे वेतन आयोग की सिफारिशों के लागू होने के कारण पड़ने वाले अतिरिक्त बोझ के संदर्भ में मुखर्जी ने कहा, "सामान्य खर्च से इस खर्च का स्तर काफी अधिक होगा।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications