जी-20 में संरक्षणवाद का विरोध करेगा भारत : प्रधानमंत्री
पिट्सबर्ग रवाना होने से पहले जारी एक बयान में प्रधानमंत्री ने कहा, "यद्यपि हमारी आर्थिक वृद्धि दर धीमी होकर वर्ष 2008-09 में 6.7 प्रतिशत हो गई, पर भारत पिट्सबर्ग सम्मेलन में एक विश्वास की भावना के साथ जा रहा है।"
भारतीय अर्थव्यवस्था में सुधार के मजबूत संकेतों और निवेश के एक आकर्षक स्थल बने रहने का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, "प्राथमिक रूप से हमारा विकास घरेलू मांग से संचालित है, हमारी बचत दर ऊंची है और बाहरी क्षेत्रों का प्रदर्शन भी सुधर रहा है।"
उन्होंने कहा कि पूंजी प्रवाह, विशेषकर पोर्टफोलियो प्रवाह ने गति पकड़ ली है और भारत एक आकर्षक निवेश स्थल बना हुआ है।
मनमोहन सिंह ने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और वित्तीय बाजारों में महत्वपूर्ण सुधार दिखाई देने के बावजूद वैश्विक अर्थव्यवस्था संकट से अभी उबरी नहीं है।
प्रधानमंत्री अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों में सुधारों और उनके प्रबंधन में भारत की अधिक सक्रिय भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए भी प्रयास करेंगे।
उन्होंने कहा, "यह आवश्यक है कि भारत को विश्व अर्थव्यवस्था के प्रबंधन में शामिल किया जाए क्योंकि उसमें हमारा एक बड़ा हित और एक बड़ा योगदान है।"
उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय संस्थाओं के प्रशासन में सुधार की और कम प्रतिनिधित्व वाले देशाों की आवाज और प्रतिनिधित्व बढ़ाने की आवश्यकता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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