झारखण्ड में अधिकांश प्रमुख दल अकेले लड़ेंगे चुनाव
रांची, 22 सितम्बर (आईएएनएस)। झारखण्ड के अधिकांश प्रमुख राजनीतिक दलों ने आगामी विधानसभा चुनाव अकेले लड़ने का फैसला किया है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), झारखण्ड मुक्ति मोर्चा (झामुमो)और झारखण्ड विकास मोर्चा-प्रजातांत्रिक ने घोषणा की है कि वे सभी 81 विधानसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी।
झारखण्ड में राष्ट्रपति शासन लागू है और आशा की जा रही है कि यहां वर्ष के अंत तक विधानसभा चुनाव कराए जाएंगे।
भाजपा और झामुमो द्वारा अकेले चुनाव लड़ने के फैसले से कांग्रेस और जनता दल (युनाइटेड) को झटका लगा है। दूसरी ओर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) कांग्रेस के साथ गठबंधन की इच्छुक है। पार्टी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने इस संबंध में गत शनिवार को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात भी की थी।
राजद का झारखण्ड में बड़ा जनाधार नहीं है। जब लालू की सोनिया से मुलाकात के बाद ही झामुमो ने अकेले चुनाव लड़ने की घोषणा की।
झामुमो के अध्यक्ष शिबू सोरेने ने कहा कि विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी सभी सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी। सोरेन के बयान से कांग्रेस को झटका लगा क्योंकि दोनों दल 2004 से ही मिलकर चुनाव लड़ रहे थे।
झामुमो के एक वरिष्ठ नेता ने आईएएनएस से कहा, "कांग्रेस अपने हित के लिए हमारा इस्तेमाल करने का प्रयास कर रही थी। हम एक स्वतंत्र दल हैं और अपना प्रभाव बढ़ाने के लिए हम अकेले चुनाव मैदान में उतरेंगे।"
भाजपा के प्रांतीय अध्यक्ष रघुबर दास ने कहा कि उनकी पार्टी भी अकेले चुनाव लड़ेगी और किसी भी दल के साथ गठबंधन नहीं करेगी। भाजपा के एक अन्य नेता ने जद (यु) के संबंध में कहा, "झारखण्ड में जद (यु) की उपस्थिति नहीं है। आखिर हम इस दल के साथ कुछ सीटों का बंटवारा कर अपनी सीट क्यों गंवाएं?"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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