भूटान व भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र, प.बंगाल और हिमाचल में भूकंप, 10 मरे (राउंडअप)
भूटान ब्राडकास्टिंग सर्विस (बीएसएस) ने भूटान सरकार के अधिकारियों व प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से भूकंप के कारण 10 लोगों के मारे जाने की पुष्टि की है।
बीएसएस ने अपनी रिपोर्ट में कहा है, "मारे गए 10 लोगों में तीन भारतीय मूल के हैं जो सड़क निर्माण के काम में लगे हुए थे। पत्थर के बड़े टुकड़ों के गिरने से उनकी मौत हो गई।"
रिपोर्ट में कहा गया है कि मारे गए तीनों भारतीय नागरिक असम के रहने वाले थे। उनके शव सोमवार की देर रात असम के दारांग कस्बे में उनके परिजनों को सौंप दिए गए हैं।
भूटान आपदा प्रबंधन विभाग के निदेशक यू.तेनजिंग ने कहा, "पूर्वी भूटान के मुंगर में पांच लोग मारे गए हैं, जबकि दो मौत त्राशिगांग में हुई है। हम प्रभावित क्षेत्रों से और जानकारी जुटाने के प्रयास कर रहे हैं।"
भूकंप के झटके दोपहर 2.26 बजे महसूस किए गए। भूकंप का केंद्र भूटान में राजधानी थिम्पू से 500 किलोमीटर दूर मुंगर में स्थित था। यह असम की राजधानी गुवाहाटी से 125 किलोमीटर दूर भारत-भूटान सीमा पर स्थित है।
इसके पहले भूटान के सरकारी अखबार कुएनसेल ने कहा था कि थिंपू से लगभग 500 किलोमीटर दूर मुंगर में भूकंप के कारण तीन लोगों की मौत हो गई है।
अखबार ने लिखा था, "पूर्वी भूटान में स्थित मठों, स्कूलों, मकानों तथा अन्य संरचनाओं को भारी क्षति पहुंची है।"
मुंगर के जिलाधिकारी शेरब तेनजिन ने कहा था, "कई सारे स्कूल, मकान और अन्य संरचनाएं क्षतिग्रस्त हो गई हैं। ये सभी संरचनाएं मिट्टी और पत्थर से बनी हुई थीं और उनके ऊपर टिन की छत थी।"
उन्होंने कहा था कि पुलिस और बचाव दलों को क्षेत्र में राहत कार्यो तथा क्षति का अंदाजा लगाने के लिए भेजा गया है।
इस बीच भूटान के गृह मंत्री लियोनपो मिंजुर दोरजी ने लोगों से अफरा-तफरी न मचाने की अपील की है।
दोरजी ने आईएएनएस से कहा, "हम प्रभावित लोगों की मदद के लिए जिले के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर रहे हैं।"
भूकंप का झटकेअसम के कुछ हिस्सों में तथा पूवरेत्तर के अन्य राज्यों में और पश्चिम बंगाल में भी अपराह्न् 2.26 बजे महसूस किए गए। लेकिन इन राज्यों में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
असम सरकार के एक अधिकारी ने कहा, "गुवाहाटी में कम से कम पांच से छह इमारतों में स्पष्ट दरारें बन गई है, जबकि दो इमारतें तिरछी हो गई हैं।"
उल्लेखनीय है कि पूर्वोत्तर में गत 11 अगस्त के बाद से क्षेत्र में आया यह पांचवां और सबसे शक्तिशाली भूकंप है।
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता सहित राज्य के विभिन्न हिस्सों में भी सोमवार दोपहर भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। भूकंप के झटके राज्य के दक्षिणी जिलों, मालदा और दार्जिलिंग के कुछ हिस्सों में महसूस किए गए।
मौसम विभाग के कोलकाता स्थित क्षेत्रीय केंद्र के एक अधिकारी ने बताया, "हमें राज्य के विभिन्न हिस्सों से भूकंप के हल्के झटकों की सूचना मिली है। हमारा भूकंप प्रकोष्ठ मामले को देख रहा है।"
शिमला से खबर है कि हिमाचल प्रदेश में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप की तीव्रता कम होने की वजह से किसी प्रकार का नुकसान नहीं हुआ।
शिमला में राज्य के मौसम विभाग के निदेशक मनमोहन सिंह ने आईएएनएस को बताया, "मध्यम तीव्रता वाला भूकंप शाम 3.14 बजे महसूस किया गया। रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रत 4.7 दर्ज की गई। इसका केंद्र उत्तराखंड के उत्तरकाशी में था।"
उन्होंने कहा कि झटके कुछ ही समय के लिए महसूस किए गए। किसी प्रकार का नुकसान अभी तक नहीं हुआ है। इस वर्ष जुलाई महीने में भी प्रदेश में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे।
उधर, चीन के दक्षिण पश्चिमी स्वायत्त क्षेत्र तिब्बत की राजधानी ल्हासा के लोगों ने भी भूकंप के झटके महसूस किए। तिब्बत के क्षेत्रीय भूकंप ब्यूरो के एक प्रवक्ता ने कहा कि भूकंप से जानमाल का कोई नुकसान नहीं हुआ।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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