सरकोजी की छवि बिगाड़ने के आरोप में पूर्व प्रधानमंत्री पर मुकदमा
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार अदालत के बाहर पूर्व प्रधानमंत्री विलेपिन ने कहा, "केवल निकोलस सरकोजी की जिद के कारण मैं यहां हूं।"
ताइवान को फ्रांसीसी युद्धपोत बेचने में रिश्वत लेने के संदेह में पूर्व प्रधानमंत्री विलेपिन ने जनवरी 2004 में तत्कालीन आतंरिक मंत्री सरकोजी सहित कई लोगों के खिलाफ गुप्त जांच का आदेश दिया था।
यह मामला विलेपिन और तीन अन्य को तब उल्टा पड़ गया जब जांच की बात रहस्यमय तरीके से सार्वजनिक हो गई।
विलेपिन ने स्वीकार किया कि उन्होंने संदिग्धों के लक्जमबर्ग के एक बैंक से संबंधों की जांच का आदेश दिया था, जहां से कथित रूप से धन हस्तांतरित किया गया था।
यूरोपीय एयरोनाटिक्स डिफेंस एंड स्पेस कंपनी (ईएडीएस) के पूर्व उपाध्यक्ष जीन-लुईस गेरगोरिन, प्रबंध सलाहकार आर्थर एंडरसन फ्लोरियन बर्गेज और पत्रकार डेनिस राबर्ट पर भी संदिग्धों की सूची तैयार करने के लिए जालसाजी करने का आरोप लगाया गया है।
एक न्यायिक सूत्र ने बताया कि इस जटिल मुकदमे की सुनवाई खत्म होने में एक महीने का समय लग सकता है।
विलेपिन को अब सरकोजी के वकील के सवालों का जवाब देना होगा। मुकदमा आरंभ होने से पहले पूर्व प्रधानमंत्री ने साफ छूट जाने का दावा किया।
उल्लेखनीय है कि विलेपिन और सरकोजी एक ही पार्टी से हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications