स्वाइन फ्लू से मौतों के कारणों की जांच के लिए 'क्लिनिकल ऑडिट'
राज्य में स्वास्थ्य एवं परिवार सेवा निदेशक उषा वासुनकर ने आईएएनएस को बताया कि क्लिनिकल ऑडिट का उद्देश्य एच1एन1 इंफ्लुएंजा से होने वाली 80 मौतों का वास्तविक कारण पता लगाना है।
उन्होंने कहा कि क्लिनिकल ऑडिट का फैसला सोमवार को किया गया। पहले के सर्वेक्षण के दौरान पाया गया था कि स्वाइन फ्लू के 40 प्रतिशत मरीजों को अन्य बीमारियां भी थीं और कई की मौते देर से अस्पताल में भर्ती कराने के कारण हुईं। ऑडिट के बाद मौतों के कारणों की सही तस्वीर स्पष्ट होगी।
क्लिनिकल ऑडिट के दौरान विशेषज्ञों का दल प्रत्येक मृतक के विवरण का अध्ययन करेगा, जिनमें मरीज के नाम, उम्र, लिंग, लक्षण और मौत के कारणों का उल्लेख होगा।
कर्नाटक में सोमवार देर रात स्वाइन फ्लू से तीन अन्य मौते दर्ज की गईं। इससे राज्य में स्वाइन फ्लू से होने वाली मौतों की संख्या 80 हो गई।
बेंगलुरू के एक सरकारी अस्पताल में दो महिलाओं की मौत हुई और गुलबर्गा के एक निजी अस्पताल में एक वर्ष की बच्ची ने दम तोड़ दिया।
महिलाओं की उम्र 22 और 35 वर्ष थी और उनकी मौत 14 तथा 16 सितम्बर को हुई। बच्ची की मौत 17 सितम्बर को हुई थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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