मिस नेपाल प्रतियोगिता को बचाने की नई रणनीति
काठमांडू, 22 सितम्बर (आईएएनएस)। माओवादियों के निशाने पर आई मिस नेपाल सौंदर्य प्रतियोगिता के आयोजकों ने इस बार इसके आयोजन की रणनीति बदल दी है। प्रतियोगिता के साथ जुड़ा 'डाबर' शब्द हटा दिया गया है ताकि माओवादियों को डाबर के बहाने आक्रोश प्रकट करने का मौका नहीं मिले।
वैसे, यह अलग बात है कि इस प्रतियोगिता का प्रायोजन अधिकार अभी भी आयुर्वेदिक उत्पादों की भारतीय कंपनी डाबर के पास ही है और इसी की एक इकाई का नाम इस बार इस प्रतियोगिता से जोड़ा गया है। इस बार इस प्रतियोगिता का नाम डाबर वाटिका मिस नेपाल से बदलकर फेम मिस नेपाल 2007 कर दिया गया है, ताकि माओवादियों को डाबर के खिलाफ आक्रोश प्रकट करने की प्रेरणा नहीं मिले।
इसी साल जून में डाबर इंडिया बोर्ड ने सौंदर्य प्रसाधन उत्पादों की कंपनी फेम केयर फार्मा लि. के अधिग्रहण की मंजूरी दी थी। कंपनी ब्लीचिंग उत्पाद बनाती है और इसके उत्पाद मुख्यत: नेपाल में बिकते हैं। डाबर द्वारा कंपनी के अधिग्रहण के बावजूद लोग इसके उत्पादों को डाबर से जोड़कर कम ही देखते हैं। ऐसे में आयोजकों को उम्मीद है कि डाबर शब्द हटाए जाने से माओवादियों का गुस्सा नियंत्रित रहेगा।
15 वर्ष पहले शुरू हुई यह प्रतियोगिता माओवादियों के विरोध के कारण पिछले साल नहीं हो पाई। जब इस साल मई में माओवादी सरकार का पतन हो गया तो कार्यक्रम प्रबंधन कंपनी हिडन ट्रीजर को इसकी तैयारी का जिम्मा सौंपा गया।
गुरुवार को होने वाली इस प्रतियोगिता के लिए 16 प्रतियोगियों का चयन किया गया है जिसमें पहली बार एक मुस्लिम लड़की भी शामिल है। बदली हुई रणनीति के तहत इसका आयोजन बीरेंद्र इंटरनेशनल कनवेंशन सेंटर की बजाए आर्मी क्लब में किया जाएगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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