सूडान में नस्लीय हिंसा में 100 की मौत, संयुक्त राष्ट्र चिंतित (लीड-1)
समाचार एजेंसी डीपीए के अनुसार रविवार को जोंगलेई प्रांत के डक पाडिएट गांव में लोउ नूअर जनजाति समुदाय ने नागरिकों और सेना पर हमला बोल दिया। इस घटना में 100 लोगों की मौत हो गई और कई घायल हो गए। इस वर्ष लोउ नूअर, दिनका बोर व मुरले जनजातियों के बीच हुई नस्लीय हिंसा में 1,000 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं।
यूएनएमआईएस (सूडान में संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन) के उप प्रवक्ता कोईडर जेरौक ने कहा है, "इस ताजा हमले को लेकर यूएनएमआईएस चिंतित है। जनजातियों के बीच बड़े पैमाने पर हथियारों और तनाव की उपस्थिति सुरक्षा हालात को और बदतर बनाने का एक गंभीर कारण है।"
स्वायत्तशासी दक्षिणी सूडान में खासतौर से पशुओं को लेकर जनजातियों में लंबे समय से झगड़े होते रहे हैं। इनके बीच हथियारों की सहज उपलब्धता के कारण उत्तर के मुसलमानों और दक्षिण के ईसाइयों व जीववादियों के बीच गृह युद्ध जैसी स्थिति पैदा हो गई है।
इस वर्ष हिंसा की प्रकृति में बदलाव हुआ है और इसमें ज्यादातर महिलाएं व बच्चे हिंसा की भेंट चढ़े हैं।
अगस्त में इसी इलाके में हुई हिंसक झड़पों में कम से कम 185 कबायली मारे गए थे।
जेरौक ने कहा है, "ऐसा लगता है संगठित बलों को निशाना कर हमला किया गया था। लेकिन यह सूचना कितनी सच है, हम इसकी पुष्टि नहीं कर सकते।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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