आईआईटी शिक्षकों का विवाद शीघ्र सुलझेगा : निदेशक
आईआईटी गुवाहाटी के निदेशक गौतम बरुआ ने आईएएनएस को टेलीफोन पर कहा, "आईआईटी संस्थान मानव संसाधान विकास मंत्रालय के वेतन प्रस्ताव से असंतुष्ट नहीं हैं।"
बरुआ ने बताया कि सभी आईआईटी संस्थानों के निदेशक शीघ्र ही अध्यापक संघ से मुलाकात करेंगे। बैठक के अगले हफ्ते होने की उम्मीद है।
अपना नाम उजागर करने के अनिच्छुक एक अन्य आईआईटी संस्थान के निदेशक ने कहा कि अध्यापक संघ ने सरकार के प्रस्ताव के कुछ हिस्सों को गलत समझा है।
शिक्षक संघ ने सोमवार को फैसला किया था कि उनकी मांगों के प्रति सरकारी उदासीनता के विरोध में 1,300 अध्यापक गुरुवार को भूख हड़ताल करेंगे।
आईआईटी शिक्षक संघ के अध्यक्ष एम. थेनमोझी ने आईआईटी खड़गपुर में संवाददाताओं को बताया कि गुरुवार की भूख हड़ताल से कक्षाओं पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
इससे पहले सरकारी उदासीनता के विरोध में कई आईआईटी संस्थानों में बड़े पैमाने पर आकस्मिक अवकाश लिए गए थे।
अधिकारियों के अनुसार असिस्टेंट और एसोसिएट प्रोफेसर के वेतनमान और पदोन्नति पाने वाले प्रोफेसरों की संख्या निर्धारित करना, दो बड़े मुद्दे हैं जिनके कारण अध्यापक उत्तेजित हैं।
अध्यापक संघ के एक सदस्य ने बताया, "सरकार ने निर्धारित किया है कि प्रोफेसरों की संख्या के केवल 40 प्रतिशत को ही वरिष्ठ प्रोफेसर के स्तर पर पदोन्नति दी जाएगी। यह गलत है। आईआईटी में हम गुणवत्ता की बात कर रहे हैं और यदि कोई वास्तव में अच्छा है तो केवल संख्या के कारण उसकी प्रगति क्यों रोकी जाए?"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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