जिलाया की वापसी के बाद होंडुरास सरकार ने देश में लगाया कर्फ्यू
सरकार का यह निर्णय टेलीविजन पर उस समय प्रसारित किया गया, जब ब्राजील के दूतावास के बाहर जिलाया के सैकड़ों समर्थकों की भीड़ लग गई। जिलाया सोमवार से यहीं पर रुके हुए हैं।
सरकार की ओर से कहा गया है कि लोगों की शांति, उनके जीवन व संपत्ति की सुरक्षा के लिए कर्फ्यू लगाया गया है।
होंडुरास के विदेश मंत्रालय ने विरोध स्वरूप ब्राजील दूतावास को एक पत्र भेजा है, जिसमें कहा गया है कि दूतावास के बाहर या अंदर यदि किसी भी तरह की हिंसक घटना घटती है तो उसके लिए ब्राजील जिम्मेदार होगा।
पत्र में यह भी कहा गया है कि होंदुरास के निजी मामले में इस तरह का हस्तक्षेप निंदनीय है।
होंदुरान सरकार के प्रमुख राबटरे माइकलेती ने ब्राजील सरकार से कहा है कि वह जिलाया को होंडुरास को सौंप दे।
जिलाया ने ब्राजील के राष्ट्रपति लुईज इनैसियो लूला डि सिल्वा को मदद के लिए धन्यवाद दिया है। यद्यपि उन्होंने इस बात का विवरण नहीं दिया है कि वह राजधानी तेगुसिगल्पा कैसे पहुंचे।
जिलाया ने कहा है कि राजनीतिक संकट को समाप्त करने के लिए वह संवाद चाहते हैं।
वाशिंगटन में अमेरिकी विदेश विभाग ने जिलाया की वापसी की पुष्टि की है और सभी पक्षों से अपील की है कि वे ऐसी गतिविधियों से दूर रहें जिससे हिंसा भड़कने की संभावना हो।
विदेश विभाग के प्रवक्ता ईयान केली ने कहा है, "निश्चित रूप से हम जिलाया को होंदुरास का लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित व संवैधानिक नेता मानते हैं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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