राजीव हत्याकांड के दोषियों की भूख हड़ताल जारी
नलिनी ने वेल्लोर जेल में सोमवार को जहां भूख हड़ताल आरंभ किया वहीं रॉबर्ट गत 17 सितम्बर से भूख हड़ताल जारी रखे हुए है।
राजीव गांधी हत्याकांड के सिलसिले में इन दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। दोनों की दलील है कि वे 14 साल से ज्यादा अर्सा जेल में बिता चुके हैं। नलिनी का पति मुरुगन श्रीलंकाई नागरिक है और वह भी जेल में बंद है।
जेल के महिला खंड की अधीक्षक जयाभारती ने आइएएनएस को फोन पर बताया, "नलिनी अभी तक भूख हड़ताल पर है। उसका कहना है कि जब तक उसकी रिहाई नहीं होगी, तब तक वह अपनी भूख हड़ताल जारी रखेगी।"
अधिकारी ने बताया कि जेल के नियमों के अनुसार भूख हड़ताल करने वाले कैदी से कोई भी मुलाकात नहीं कर सकता।
नलिनी और रॉबर्ट दोनों को सजा-ए मौत सुनाई गई थी जिसे बाद में आजीवन कारावास में तब्दील कर दिया गया था।
पिछले सप्ताह नलिनी ने मद्रास उच्च न्यायालय में एक याचिका दाखिल कर तमिलनाडु सरकार से सलाहकार बोर्ड की बैठक बुलाकर उसकी रिहाई पर विचार करने का अनुरोध किया था।
नलिनी ने कहा कि वह 2005 में ही रिहाई की हकदार थी क्योंकि जेल में उसके 14 साल पूरे हो गए थे। वर्ष 2007 में नलिनी ने अर्जी दाखिल कर मुक्त किए जाने की मांग की थी जिसे तमिलनाडु सरकार ने खारिज कर दिया था।
अगले साल उसने उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की जिसने राज्य सरकार को नलिनी के अनुरोध पर पुनर्विचार करने का निर्देश दिया। क्योंकि सरकार ने अब तक सलाहकार बोर्ड का गठन नहीं किया था इसलिए नलिनी ने अदालत से बोर्ड का गठन कर रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपने को कहा।
सोमवार को अदालत ने राज्य सरकार से दो हफ्तों में जवाब देने को कहा कि मामले की सुनवाई छह अक्टूबर तक स्थगित कर दी।
राजीव गांधी की 21 मई 1991 को लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (लिट्टे)की महिला आत्मघाती हमलावर ने हत्या कर दी थी। नलिनी धनु नाम की उस आत्मघाती हमलावर को रैली स्थल तक ले कर गई थी। रॉबर्ट लिट्टे के सदस्य शिवरासन पनाह देने का दोषी है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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