जम्मू के मनोरोग अस्पताल में सिर्फ 3 मनोचिकित्सक
जम्मू मेडिकल कॉलेज के अधीन काम कर रहे इन तीनों चिकित्सकों का कहना है कि आतंकवाद संबंधी समस्याएं होने की वजह से इलाके में मानसिक रोगियों की संख्या बढ़ रही है इसलिए अस्पताल में और चिकित्सकों को रखने की जरूरत है।
अस्पताल के एक चिकित्सक ने आईएएनएस को बताया,"चिकित्सा महाविद्यालय के इस विभाग के प्रति सरकार को न तो कोई चिंता है और न ही संवेदनशीलता।"
चिकित्सक ने बताया,"इलाके की 60 लाख आबादी में से पांच फीसदी लोग गंभीर मनोविकारों से ग्रसित हैं जबकि 15 से 20 फीसदी लोगों को हल्की-फुल्की मानसिक परेशानियां हैं। इन मनोविकारों के कई कारण हो सकते हैं।"
जम्मू मनोचिकित्सा अस्पताल में औसतन 200 लोग रोजाना इलाज के लिए आते हैं। वहीं दूसरी तरफ आम नागरिकों के अलावा पुलिस, अर्धसैनिक बलों और सशस्त्र बलों के मामले भी जम्मू अस्पताल में ही आते हैं।
राज्य के चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री राजिंदर सिंह छिब ने समस्या के प्रति अपनी चिंता जताते हुए कहा, "हम वर्तमान कार्यप्रणाली से नाखुश हैं। हम कमियों को दूर करने की योजना बना रहे हैं और उम्मीद है कि ऐसा जल्दी ही हो जायेगा।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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