सीने पर 11 कलश स्थापित कर देवी की आराधना में लीन हैं नागेश्वर बाबा
नागेश्वर बाबा हर नवरात्र में मंदिर बदलते रहते हैं। इस वर्ष वह पटना के न्यू सचिवालय स्थित नौलखा मंदिर में लेट कर अपने सीने पर 11 कलश स्थापित कर देवी की आराधना में लीन हैं।
बाबा बताते हैं कि उनके भीतर 16 वर्ष पूर्व अचानक देवी भक्ति के भाव जागे और तब से ही उन्होंने देवी आराधना का यह सिलसिला शुरू कर दिया। उन्होंने बताया कि वह दस दिनों तक बिना कुछ खाए लेटे रहते हैं और देवी की आराधना करते रहते हैं।
वह कहते हैं कि नवरात्र के दौरान मां दुर्गा की असीम कृपा से ही यह कठिन व्रत पूरा हो पाता है। उनका कहना है कि सच्चे मन से मां की पूजा-अर्चना की जाए तो भक्त की हर मनोकामना पूर्ण हो सकती है।
उन्होंने बताया कि इन सभी कलशों को वह गंगा जल से भरकर नवरात्र के प्रथम दिन अपने सीने पर स्थापित करते हैं। उन्होंने बताया कि पटना के विभिन्न मंदिरों में वह इस तरह से आराधना करते आ रहे हैं। बाबा ने कहा कि जब तक उनके शरीर में शक्ति रहेगी, तब तक वह इस व्रत को जारी रखेंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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