सर्प दंश से मरे युवक को गले तक जमीन में गाड़ा
महोबा जनपद के चरखरी कोतवाली के सूपा गांव में अंधविश्वास का एक अजीबो-गरीब मामला सामने आया है। इस गांव के माधवेन्द्र तिवारी (33) को खेत में काम करते समय 11 सितम्बर की दोपहर काले नाग ने डस लिया था। उसे महोबा के जिला अस्पताल में इलाज हेतु भर्ती कराया गया, जहां से चिकित्सकों ने गंभीर अवस्था में उसे 14 सितम्बर को झांसी के लिए रैफर कर दिया। परिजन उसे झांसी के बजाय ग्वालियर ले गए। शनिवार की रात उसकी मौत हो गई। रविवार को शव सूपा गांव लाया गया। परिजनों ने ओझाओं की सलाह पर गढ्ढ़ा खोदकर शव को गले तक गाड़ दिया। पहरेता गांव निवासी घसीटे व लेवा गांव के परशुराम तिवारी सहित कई ओझा तंत्र-मंत्र से झाड़-फूंक कर उसे जिंदा करने के प्रयास में जुटे हुए थे।
युवक के 88 वर्षीय बाबा मोती लाल तिवारी ने कहा, "प्राकृतिक चिकित्सा विधि में सर्प दंश के उपचार लिखे हैं। इसी पुस्तक के आधार पर इलाज किया जा रहा है। 24 घंटे के अन्दर उनका पोता जीवित न हुआ तो दाह संस्कार कर दिया जाएगा।"
पुलिस अधीक्षक मंजिल सैनी के निर्देश पर चरखारी कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक सूपा गांव पहुंच कर ग्रामीणों और परिजनों के बयान दर्ज कर वापस लौट गए। कोतवाल संतराम ने कहा कि माधवेन्द्र मर चुका है, अंधविश्वास के चलते परिजनों को उसके जिंदा होने की उम्मीद है। पुलिस की किसी भी तरह की सख्ती से ग्रामीण व परिजन भड़क सकते हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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