गोवा में धोखाधड़ी के शिकार हो रहे हैं ब्रिटिश प्रवासी : रिपोर्ट
संडे टाइम्स ने कहा है कि स्थानीय वकीलों व भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने ब्रिटिश खरीदारों से कहा है कि वे कानूनी तौर पर तभी किसी संपत्ति के मालिक बन सकते हैं, जब वे कोई भारतीय कंपनी स्थापित करें और उसी के जरिए लेन-देन करें।
अखबार ने कहा है कि सच्चाई यह है कि गोवा में वर्ष 2007 में ही कानून बदल गया था। गोवा प्रशासन द्वारा कानून की जो नई व्याख्या की गई है, उसके कारण सैकड़ों ब्रिटिश प्रवासी संपत्ति के दस्तावेज से विहीन हो गए हैं और वे भारी वित्तीय नुकसान का सामना कर रहे हैं।
एक ब्रिटिश महिला प्रवासी ने कहा है कि आरबीआई ने अपने पत्र में उससे कहा है कि उसने सब कुछ कानून के दायरे में किया है, लेकिन स्थानीय उपरजिस्ट्रार ने उससे कहा कि वह उसकी संपत्ति को पंजीकृत नहीं कर सकता, क्योंकि वह श्वेत है और विदेशी नागरिक है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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