भारत एनपीटी, सीटीबीटी पर ब्रिटेन, फ्रांस, रूस के संपर्क में
इस संबंध में संयुक्त राष्ट्र प्रस्ताव के अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की अध्यक्षता में इस हफ्ते होने वाले सुरक्षा परिषद के विशेष सत्र के दौरान पारित होने की उम्मीद है।
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एम.के.नारायणन ने समाचर चैनल सीएनबीसी को दिए एक साक्षात्कार में कहा, "हम उन देशों के साथ वार्ता कर रहे हैं जिनके साथ हमारा समझौता हुआ है जैसे फ्रांस। हम ब्रिटेन से भी वार्ता कर रहे हैं, जिसके साथ एक समझौते के लिए सौदेबाजी हो रही है और हम एक या दो दिनों में रूस से भी बात करेंगे।"
साक्षात्कार का प्रसारण सोमवार को होगा।
अमेरिकी समाचार पत्र 'पोलिटिको' की वेबसाइट पर प्रकाशित संयुक्त राष्ट्र प्रस्ताव में एनपीटी में गर शामिल सभी देशों से संधि में गैर परमाणु हथियार राष्ट्र के रूप में शामिल होने को कहा गया है।
इसमें परमाणु परीक्षण से बचने के लिए सीटीबीटी में भी शामिल होने के लिए कहा गया है, जिससे संधि को यथासंभव शीघ्र तिथि से लागू किया जा सके।
नारायणन ने कहा कि वह प्रस्तावित प्रस्ताव से चिंतित नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि कनाडा जैसे देश भारत के साथ द्विपक्षीय परमाणु समझौता करने का प्रयास कर रहे हैं, जिससे स्पष्ट होता है कि प्रस्ताव कोई बाधा नहीं है।
नारायणन ने यह भी कहा कि अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के साथ अगले सप्ताह होने वाली वार्ता में यह मुद्दा उठ सकता है।
उन्होंने कहा कि यह मुद्दा अमेरिका के साथ पहले भी उठ चुका है और इस प्रस्ताव से भारत और अमेरिका के बीच हुए परमाणु समझौते पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
उल्लेखनीय है कि विदेश सचिव निरुपमा राव ने शनिवार को कहा था कि भारत नि:शस्त्रीकरण और इस मुद्दे पर वैश्विक सहमति को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थाई राजदूत प्रस्ताव का निरीक्षण कर रहे हैं।
सीटीबीटी पर हस्ताक्षर करने के लिए अमेरिका के बढ़ते दबाव के बारे में जब राव से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि भारत अपने मित्र देशों के संपर्क में है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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