कोटा जिले की नदियों को पुनर्जीवित करने की कार्ययोजना तैयार
पंचायती राज मंत्री ने गत 12 जून को नदियों को पुनर्जीवित करने की आवश्यकता बताते हुए विभाग के अधिकारियों को बड़ी नदियों पर एनीकट बनाने व इनसे पेयजल योजनाएं बनाने के निर्देश दिए थे। उनका कहना था कि आज जिस प्रकार की स्थिति बनती जा रही है उससे हमारी नदियां समाप्त होती जा रही है जिन्हें नरेगा योजना से जोड़कर जीवित किया जा सकता है।
नदियों को पुनर्जीवित करने की कार्ययोजना की क्रियान्विति से जिले की नदियों से किसानों को वर्ष पर्यन्त सिंचाई जल तथा ग्रामीणों को पीने के लिए पेयजल सुलभ होगा। योजना के तहत कालीसिंध, परवन, पार्वती, अरू, उजाड, अमझार तथा आहू नदियों पर नए एनीकट बनाए जाएंगे। साथ ही पूर्व में निर्मित 7 एनीकटों की ऊंचाई बढ़ाकर उनकी जल भराव क्षमता में वृद्घि की जाएगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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