आतंकवाद बढ़ने के पीछे अतीत की गलतियां जिम्मेदार : जरदारी
समाचार एजेंसी डीपीए के मुताबिक लंदन में अंतर्राष्ट्रीय रणनीतिक अध्ययन संस्थान (आईआईएसएस) में अपने एक व्याख्यान में जरदारी ने कहा कि पाकिस्तानी नेतृत्व वर्तमान में जिन कठिन चुनौतियों का सामना कर रहा है, वह उससे उबरने के लिए दृढ़संकल्प हैं।
जरदारी ने कहा, "हम कठिन समय से गुजर रहे हैं।" उन्होंने कहा कि सामने खड़े संकट से निपटने के लिए सख्त निर्णय लेने की जरूरत है।
जरदारी ने कहा कि पाकिस्तान में आतंकवाद व उग्रवाद कहीं शून्य में पैदा नहीं हुआ है। उन्होंने धार्मिक चरमवाद के उभार के लिए अतीत की गलतियों को जिम्मेदार ठहराया।
जरदारी ने कहा, "दुखद यह है कि वर्तमान में हम जिस परिस्थिति का सामना कर रहे हैं, वह 80 के दशक या उससे भी पहले की नीति का परिणाम है।"
जरदारी की नजर में अतीत की गलतियों में अफगानिस्तान को लड़ाकों के रहम पर छोड़ देना और पाकिस्तान में तानाशाही को पश्चिमी समर्थन शामिल है।
जरदारी ने कहा, "वर्षो तक तानाशाहों के हाथों में खेलते रहने के कारण पाकिस्तान आज इस संकट का सामना कर रहा है।"
जरदारी ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से आग्रह किया कि वह पाकिस्तान में स्थायित्व व आर्थिक विकास को फिर से पटरी पर लाने के लिए पाकिस्तान के प्रयासों का समर्थन करे।
जरदारी ने कहा, "हमने अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने के लिए अति कठिन व राजनीतिक रूप से अलोकप्रिय निर्णय लिए हैं। हमें व्यापार चाहिए अनुदान नहीं।"
इंडो-एशियन न्यूज सविस।


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