Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

स्थानीय लोगों को ढाल बनाने की कोशिश में नक्सली

दंतेवाड़ा (छत्तीसगढ़), 19 सितम्बर (आईएएनएस)। सुरक्षा बलों के व्यापक अभियान से परेशान नक्सली छत्तीसगढ़ के जंगलों में बारूदी सुरंगों की आड़ में बने अपने छुपने के इलाकों की ओर रुख करने के साथ ही स्थानीय लोगों को ढाल बनाने की कोशिश हैं।

एक पुलिस अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि शुक्रवार को शुरू अभियान में अब तक दो दर्जन नक्सली मारे जा चुके हैं।

सूचना के मुताबिक सरकार की ओर से चलाए जा रहे अब तक के सबसे बड़े अभियान ने नक्सलियों के पांव उखाड़ दिए हैं। नक्सली बस्तर क्षेत्र के 40,000 वर्ग किलोमीटर इलाके में स्थित पांच जिलों -दंतेवाड़ा, बीजपुर, नारायणपुर, कांकेर और बस्तर में प्रभाव रखते हैं।

पुलिस के मुताबिक सुरक्षा बलोंे के अभियान से घबराकर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी-माओवादी (सीपीआई-माओवादी) के महासचिव गणपति सहित कई प्रमुख सरगना अबुझमाड़ के जंगलों में स्थित विशेष पनाहगार की ओर रुख करने लगे हैं। यह इलाका बारूदी सुरंगों से पटा पड़ा है।

सरकार माओवादियों की धर-पकड़ के लिए हवाई कार्रवाई करने का भी फैसला कर सकती है और यही कारण है कि नक्सली इससे बचने के लिए आंध्र प्रदेश के जंगलों की ओर भागने की तैयारी कर रहे हैं। उनके लिए वह इलाका सुरक्षित पनाहगार साबित हो सकता है।

शुक्रवार को 'कमांडो बटालियन फॉर रिजोल्यूट एक्शन' (कोबरा) के नेतृत्व में 500 पुलिसवालों का एक दल नक्सलियों की खोज में लगा हुआ है। यह छत्तीसगढ़ में सरकार की ओर से चलाया जा रहा अब तक का सबसे बड़ा अभियान है।

इस दल में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के जवान भी शामिल हैं। दल ने पहले दिन ही लगभग 12 नक्सलियों को मार गिराया। इनमें से 10 का शव बरामद कर लिया गया है। इस अभियान में कोबरा बटालियन के सहायक कमांडेंट मनोरंजन सिंह सहित पांच पुलिसकर्मी शहीद हुए हैं।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+