चंद्रमा पर उम्मीद से अधिक हैं पानी के संकेत : वैज्ञानिक
वाशिंगटन, 18 सितम्बर (आईएएनएस)। वैज्ञानिकों ने कहा है कि पानी का एक प्रमुख अवयव हाइड्रोजन, चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उम्मीद से कहीं ज्यादा ही मात्रा में उपस्थित है।
समाचार एजेंसी डीपीके के अनुसार नासा के वैज्ञानिकों ने लूनर रीकॉन्नैसैंस आर्बिटर (एलआरओ) नामक उपग्रह द्वारा पृथ्वी पर भेजे गए पहले आंकड़े की गुरुवार को घोषणा की है।
अंतरिक्ष यात्रियों ने इस बात का पता लगाने की उम्मीद जाहिर की है कि चंद्रमा पर उसके ध्रुवों के पास स्थित अस्पष्ट गड्ढों में पानी है या नहीं। वहां सूर्य के प्रकाश के अनुपस्थिति होने के कारण बर्फ के बने रहने की संभावना है। लेकिन एलआरओ परियोजना से जुड़े एक वैज्ञानिक रिचर्ड वोनड्रैक ने कहा है कि ताजा परिणामों से यह पता चला है कि न केवल गड्ढों में, बल्कि पूरे दक्षिणी ध्रुव पर हाइड्रोजन उपस्थित है।
इसके पहले एक अन्य उपग्रह ने पाया था कि ध्रुओं के पास के वातावरण में हाइड्रोजन उच्च स्तर पर उपस्थित है। यह अपने आप में पानी के पाए जाने का संकेत है।
वौनड्रैक ने कहा है कि निष्कर्ष के महत्व को निर्धारित करने के लिए ढेर सारे विश्लेषण और आंकड़े की आवश्यकता है।
वोनड्रैक ने आगे कहा है कि इसका आंशिक जवाब 9 अक्टूबर तक मिल सकता है। क्योंकि उस समय तक लूनर क्रैटर आब्जर्वेशन एंड सेंसिंग सैटेलाइट (एलसीआरओएसएस) नामक एक अन्य उपग्रह चंद्रमा पर होगा और वह वहां उपस्थित धूल के गुबार को भेजेगा। उसके बाद अंतरिक्ष यात्री पानी और अन्य कणों के सबूत के लिए उसका विश्लेषण करेंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications