मणिपुर राजभवन को कार बम से उड़ाने की साजिश नाकाम (लीड-1)
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि राजभवन की सुरक्षा में लगे अधिकारियों ने शुक्रवार दोपहर दो बजे राजभवन के अंदर एक ऐसी मारूति कार का पता लगाने में सफलता हासिल की, जो विस्फोटकों से लदी थी।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, "बम को निष्क्रिय कर दिया गया है। घटना के वक्त जम्मू एवं कश्मीर के पूर्व पुलिस प्रमुख रह चुके राज्यपाल गुरबचन जगत राजभवन में ही थे।"
इंफाल पुलिस प्रमुख एल. कैलुन ने आईएएनएस को बताया, "शुरुआती जांच से पता चला है कि मोबाइल फोन के साथ फिट किया गया जिलेटिन कार की पिछली सीट के भीतर बड़ी चालाकी से छुपाया गया था। इसे आतंकी साजिश के तौर पर देखा जा रहा है।"
पुलिस ने तहकीकात शुरू कर दी है कि आखिर विस्फोटकों से लदी एक कार उच्च सुरक्षा घेरे में आने वाले राजभवन परिसर में कैसे पहुंच गई। इस कार बम में अगर विस्फोट हो जाता तो राजभवन उड़ सकता था।
इस बीच, मणिपुर के मेतेई समुदाय के लिए अलग स्वतंत्र राज्य की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे विद्रोही संगठन कांगलेईपाक कम्युनिस्ट पार्टी (केसीपी) ने इस घटना की जिम्मेदारी ली है।
एक केसीपी नेता ने समाचार पत्रों के दफ्तरों में फोन करके राजभवन में कार बम पहुंचाने की बात स्वीकार की। इसे लेकर कैलुन ने कहा, "हमने केसीपी के दावे के बारे में सुना है। हम इसकी भी जांच कर रहे हैं।"
म्यांमार की सीमा से लगे मणिपुर में स्वतंत्र राज्य की मांग करने वाले 19 अलगाववादी संगठन सक्रिय हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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