थरूर ने मांगी माफी, पर कांग्रेस देरसबेर कार्रवाई पर अड़ी (लीड-1)
कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, "कांग्रेस उनके खिलाफ उचित समय पर उचित कार्रवाई करेगी।"
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा थरूर का इस्तीफा मांगने के बारे में पूछे जाने पर तिवारी ने कहा, "थरूर ने जो बयान दिया है वह किसी को भी ऐसी मांग करने के लिए मजबूर कर सकता है।"
उन्होंने कहा पार्टी प्रवक्ता जयंती नटराजन ने गुरुवार को ही थरूर के बयान की निंदा की थी और अस्वीकार्य बताया था।
केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता ओमन चांडी ने भी थरूर के बयान की आलोचना की है। उन्होंने दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत में कहा, "राजनीतिक कार्यकर्ताओं को जनता के सेवक के रूप में व्यवहार करना चाहिए न कि मालिकों की तरह।"
थरूर ने इससे पहले अपने बयान के लिए माफी मांगते हुए आज सुबह कहा कि उन्हें दूसरों की भावनाएं आहत करने का अफसोस है। उन्होंने यह भी कहा है कि उनके शब्दों का गलत मतलब निकाला गया।
थरूर सोशल नेटवर्किं ग साइट 'ट्वीटर' पर पोस्ट किए अपने एक संदेश की वजह से परेशानी में पड़ गए हैं। इस संदेश में थरूर ने एक प्रश्न के जवाब में कहा था कि 'पवित्र गायों के साथ एकजुटता व्यक्त करने के लिए वह मवेशियों की श्रेणी में यात्रा करेंगे'।
कांग्रेस प्रवक्त जयंती नटराजन ने इस टिप्पणी को अस्वीकार्य करार देते हुए कहा था कि भारतीय राजनीति में नए होने की वजह से थरूर संभवत: स्थानीय संवेदनाओं के प्रति सजग नहीं हैं। विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने भी इस टिप्पणी के लिए उन्हें आड़े हाथों लिया था।
लाइबेरिया की आधिकारिक यात्रा के दौरान थरूर ने गुरुवार देर रात ट्वीटर पर संदेश जारी कर कहा, "मुझे ज्ञात हुआ है कि एक पत्रकार के इस प्रश्न के जवाब में मेरी कही बात का बतंगड़ बन गया है कि क्या मैं केरल 'मवेशी श्रेणी' में यात्रा करके जाऊंगा।"
उन्होंने कहा कि 'मवेशी श्रेणी' शब्दों का प्रयोग प्रश्नकर्ता ने किया था और उन्होंने भी उसे ही दोहरा दिया।
उन्होंने ट्वीटर पर कहा, "यह बेवकूफी भरी उक्ति है लेकिन इसका अर्थ इकोनॉमी श्रेणी में सफर करने वालों का अपमान नहीं है, बल्कि यह बात उन एयरलाइंस के लिए है जो हमें मवेशियों की तरह ठूंसकर ले जाती हैं। बहुत लोगों ने इसका गलत अर्थ निकाला है।"
थरूर ने कबूल किया कि जब उन्होंने इस बात का मलयालम में अनुवाद किया तो इसका मतलब बहुत खराब था खास तौर पर अगर इसे संदर्भ से अलग करके देखा जाए। उन्होंने लिखा है कि जिन लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं और जो समझते हैं कि उन शब्दों को दोहरा कर उन्होंने अवमानना की है तो वह इसके लिए क्षमा मांगते हैं।
उन्होंने पवित्र गाय शब्द का आशय समझाते हुए कहा है कि उनका इशारा किसी व्यक्ति विशेष की ओर नहीं था। उन्होंने कहा है, "पवित्र गाय से आशय व्यक्तियों से नहीं बल्कि पवित्र मसलों और सिद्धांतों की हैं, जिन्हें कोई चुनौती देने का साहस नहीं कर सकता। आशा करता हूं आलोचक इस पर गौर करेंगे।"
मंत्री ने लिखा है कि उन्हें इस प्रकरण से सबक मिल गया है। उन्होंने कहा है, "अब मुझे समझ में आ गया है। मुझे यह मानकर नहीं चलना चाहिए था कि लोग मजाक की सराहना करेंगे।आपको ऐसे लोगों को मौका नहीं देना चाहिए जो जानबूझकर आपके शब्दों का भ्रामक अर्थ निकालें।"
थरूर ने यह भी लिखा है कि लाइबेरिया के राष्ट्रपति और अन्य विशिष्ट व्यक्तियों के साथ उनकी मुलाकातें अच्छी रहीं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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